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चेहरा भूल जाओगे तो शिकायत नहीं करेंगे/
नाम भूल जाओगे तो गिला नहीं करेंगे/
और मेरे दोस्त दोस्ती कि कसम है तुझे /
जो दोस्ती भूल जाओगे तो कभी माफ़ नहीं करेंगे /
ख़ुशी से दिल आबाद करना मेरे दोस्त /
और गम को दिल से आज़ाद करना /
हमारी बस इतनी गुजारिश है मेरे दोस्त /
कि दिल से एक बार याद हमें जरूर ही करना /
जिन्दगी सुन्दर है पर मुझे जीना नहीँ आता /
हर चींज मैँ नशा है पर मुझे पीना नहीँ आता /
सब जी सकते हैँ मेरे बिना दोस्त /
पर मुझे ही किसी के बिना जीना नहीँ आता /
आज भीगी है मेरी पलके तेरी याद में /
आकाश भी सिमट गया है अपने आप में /
ओस की बूंदे ऐसे बिखरी है पत्तो पर /
मनो चाँद भी रोया है मेरे दोस्त कि याद में/
हो नहीं सकता मुझे आपकी याद न आये /
भूल के भी वो एहसास न आये /
आप भूले तो आप पे आच न आये मेरे दोस्त /
में भुला तो खुदा करे मुझे अगली सांस ही न आये /
छोटी सी बात पर कोई शिकवा न करना/
कोई भूल हो जाए तो माफ़ करना/
नाराज़ जब होना, हम दोस्ती तोड़ देंगे /
क्योकि ऐसा तब होगा जब हम दुनिया छोड़ देंगे /
मेरे दोस्तों के लिए समर्पित ये कविता, जीवन में हर चीज इंसान खरीद सकता है परन्तु सच्चा और अच्छा दोस्त तो सिर्फ नसीव वालो को बिना मूल्य ही मिलता है /
#संजय जैन
परिचय : संजय जैन वर्तमान में मुम्बई में कार्यरत हैं पर रहने वाले बीना (मध्यप्रदेश) के ही हैं। करीब 24 वर्ष से बम्बई में पब्लिक लिमिटेड कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत श्री जैन शौक से लेखन में सक्रिय हैं और इनकी रचनाएं बहुत सारे अखबारों-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहती हैं।ये अपनी लेखनी का जौहर कई मंचों पर भी दिखा चुके हैं। इसी प्रतिभा से कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा इन्हें सम्मानित किया जा चुका है। मुम्बई के नवभारत टाईम्स में ब्लॉग भी लिखते हैं। मास्टर ऑफ़ कॉमर्स की शैक्षणिक योग्यता रखने वाले संजय जैन कॊ लेख,कविताएं और गीत आदि लिखने का बहुत शौक है,जबकि लिखने-पढ़ने के ज़रिए सामाजिक गतिविधियों में भी हमेशा सक्रिय रहते हैं।
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