पावस के दिन

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meera chourasiya
पावस के दिन आये।
कारे- कारे कजरारे से,
                     मेघ गगन पर छाये ।
                     पावस के दिन आये।।
चम-चम चपला चमक रही है,
मेघ    उसाँसें     भरते      हैं ।
इत उत  गोरी  उड़ती  फिरती,
अंचल   से   मोती  झरते   हैं।।
                    उड़ते फिरते नभ उपवन में,
                     गीत     सुहाने        गाये ।।
रूप अनूठा अपना लेकर,
बरखा रानी जग आँगन में ।
सुख वैभव बिखराती फिरती,
वसुधा के जन मन में ।।
                          जनमानस को अपने जल से,
                          यह  हरिताभ     बनाये ।।
धरा हुयी समृद्ध नहीं है,
कोई दु:ख उसके आँचल में।
पग-पग पर फैली हैं खुशियांँ,
हँसी – खुशी है ग्राम्यांचल में।।
                              खोले हैं भण्डार सुखों के,
                               मन्द-मन्द मुस्काये ।।
नाम        मीरा चौरसिया
पति        श्री परमसुख चौरसिया 
पिता       डॉ  शिव राम चौरसिया
माता        सावित्री देवी
जन्म स्थान    लखनऊ  (उत्तर प्रदेश)
शिक्षा        एम ए  एल टी
अन्य        काव्य व ग़ज़ल रचना 
पता         लखनऊ  उ. प्र.
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।