Author Archives: matruadmin - Page 1012

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नव युग..

शहर के नामी कॉलेज में  रामायण  का मंचन चल रहा था। राम 14 वर्षों का वनवास काटकर,रावण पर विजयश्री प्राप्त कर अयोध्या लौट आए थे। तभी एक आदमी (जो पेशे से  धोबी था) रास्ते में अपनी पत्नी को पीट रहा था और कहता जा रहा था-`जा,चली जा यहाँ से,मैं कोई प्रभु श्रीराम नहीं हूँ जो पर-पुरुष के साथ रही स्त्री को अपने घर में रख लूँ।` ये सुनकर श्रीराम जी ने भी अपनी  पत्नी के आगे अग्नि परीक्षा की शर्त रख दी। इतनी बड़ी बात सुनकर सीता ने चौंककर श्रीराम की और देखा फिर तल्ख़ आवाज़ में बोली-`चाहे मर्यादा पुरुषोत्तम हो या साधारण पुरुष,स्त्रियों के प्रति दोनों का रवैय्या एक-सा ही रहता है। मैंने आपके लिए 14 वर्ष वनवास में बिताए,अपने राजसी ठाठ-बाट छोड़कर में आपके साथ कंटीले रास्तों पर चली। क्या मेरा ये कहना कि,रावण ने मुझे छुआ तक नहीं,आपके लिए विश्वास योग्य नहीं है ? इससे पहले कि आप अपनी गर्भवती पत्नी का त्याग करें,मैं स्वयं ही आपको छोड़कर जा रही हूँ। जो व्यक्ति अपनी पत्नी के नहीं,दूसरों के वचनों पर विश्वास करता है,वो साथ रहने योग्य नहीं है। सीता के मुख से ये सुनकर श्रीराम के साथ अयोध्यावासी भी हतप्रभ थे। साथ ही दर्शकों से खचाखच भरा हॉल भी निस्तब्ध था। नाटक के निदेशक को लगा,सीता बनी सुनिधि  अपने डायलाग भूल गई है,वे इशारों मेंसे सीता को समझाने का प्रयास कर रहे थे। तभी मंच के पीछे से तालियों की आवाज़ आई। ये तालियाँ कॉलेज की प्राचार्या मैडम बजा रही थी।अब वे माइक पर थी। उन्होंने बोलना शुरू किया-'शाबाश,सुनिधि आज तुमने रामायण में नया अध्याय जोड़ दिया है,सीता को भी हक़ है कि वो राम को त्याग सके। शादी का बंधन विश्वास पर ही टिका होता है। अगर सम्बन्धों में विश्वास ही न रहे तो,साथ रहने का क्या फायदाl अरे आप लोचुप क्यों है,स्वागत कीजिए नव युग का,जहाँ नारी अपने निर्णय लेने में सक्षम है।  "और हॉल तालियों की गड़गड़ाहट के साथ हर्षध्वनि से भी गुंजायमान हो उठा।                                            …
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हिन्दी सहित 12 भाषाओं में पढ़ सकेंगे 30 हजार से अधिक सरकारी वेब साइट

मोदी सरकार सरकार की योजनाओं और जानकारियों को आमजन तक पहुंचाने के लिए पहल कर रही है। इसी दिशा में सरकार की 30 हजार से अधिक वेबसाइट अगले डेढ़ साल में…
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समय बड़ा बलवान

समय-समय का फेर है,समय बड़ा बलवान, समय समझ करते रहो,दान मान सम्मान ; यही है बात पते की। समझ चूकी पछताय नर,समय बड़ा बलवान, समय साथ जो जन चले,खिले होंठ…
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मेरे तपोवन्त

सामान्यतः लोगों की, आयु बढ़ने पर बल,तेज,आभा.. घटते जाते हैं, लेकिन स्वामिन आप, आप इसके अपवाद हैं,क्योंकि, जितनी-जितनी आपकी आयु, वृद्धि को प्राप्त हो रही है.. आप उतने ही तेज,…
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नया साल इजहार

दो सहस अरु चहोत्तर,नवसंवत् का आन। विक्रम तेरे राज का,जग करता है गान।। अवंती विक्रम की पुरी,राजा थे बलवान। दूध पानी-सा न्याय करे,कहते कवि मसान।। झरना भी अब सूखते,नदियाँ भई…
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रिश्ते बनाकर चलिए…

नफरतों की आंधियां है, रिश्ते बनाकर चलिए, दुश्मनों की कमी नहीं,दोस्त बनाकर चलिए। सब कुछ बिक रहा है झूठ के इस बाजार में, अपने ईमान को जरा-सा संभालकर चलिए। कांटों…
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