जब एक दूसरे की,सोच समान हो, जब एक को,समझने का ज्ञान हो। जब एक दूसरे का,सम्मान हो, तब उस दोस्ती पे,अभिमान हो॥ जब किसी को कोई,तकलीफ हो, तो उसके लिए,हाजिर जान हो। जब कोई समस्या हो, तो उसका तुरंत,आपस में निदान हो॥ दोस्ती स्वार्थसिद्धि की,कोई पूँजी नहीं, बल्कि एक दूसरे […]
प्रेमचन्द अग्रवाल यूको बैंक से सहायक महाप्रबंधक के पद से सेवा निवृत्त हैं,जहाँ ये राजभाषा अधिकारी के रूप में हिन्दी कार्यान्वयन से जुड़े रहे। अम्बाला शहर व अम्बाला छावनी क्षेत्र के महाविद्यालयों और उच्च विद्यालयों में भी हिन्दी सम्बन्धी कार्य करते रहे हैं। इन्होंने हर विषय के प्राध्यापक को हिन्दी के […]
