मनुज- मनुज तुम बात सुनो! बुद्धि संग तुम बुद्ध बनो। शांत भाव को साथ में रखकर, संयमित तुम आचार करो। यह मन तो है एक पवन–सा, चंचल प्रकृति अस्थिरता। कभी अश्व सम दौड़े भागे, कभी ओस की बूंद–सा ठहरे। पर बुद्ध को जो भी समझा, मन की लगाम को वह […]
कपिलवस्तु के लुम्बिनी वन में शाक्यकुल के राज्यवंश में शुद्धोधन-महामाया के घर इक महापुरुष अवतारे थे तेजस्वी इस ज्योतिपुंज से एशियाई क्षेत्रों में उजास हुआ प्रेम शांति का संचार हुआ… राजा शुद्धोधन-मायादेवी ने पाया सुदर्शन इक राजकुमार सिद्धार्थ उदास ही रहता था देख बुढ़ापा, रोग, मृत्यु को राजमहल के वैभव […]
● मणिमाला शर्मा इंदौर। कालजयी साहित्यकारों की स्मरण शृंखला में मंगलवार को श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति ने राजा शिवप्रसाद ‘सितारेहिंद’ के पुण्यस्मरण पर उन्हें याद किया। स्वागत वक्तव्य समिति की साहित्यमन्त्री डॉ. पदमा सिंह ने दिया। उन्होंने कहा कि ‘ सितारेहिंद जी अपनी मातृभाषा के लिए समर्पित व्यक्तित्व के […]
