भीनी-सी खुशबू लेकर सुबह उठी है, अभी अभी। कुछ-कुछ अलसाई, कुछ-कुछ जागी-सी। भोर होने से पहले ही तिमिर में जागी-सी, ताजी-ताजी-सी। पहरुए उजालों के आने हैं अंधियारों के भूत, जाने को हैं। बारिश में भीगे पंछी अभी कहाँ उड़ जाने हैं, खुली राह विस्तारों की। नए दिवस का स्वागत उजास […]
नित-नित मैं तेरा ध्यान करूँ, हे माँ तेरा गुणगान करूँ… ज्ञानप्रदायनी,वीणावादनी, माँ तेरी जयकार करूँ l तेरे आंचल में जो आता, जीवन धन्य-धन्य हो जाता… ज्ञान प्रफुल्लित चहुँ दिशा में, दीपक बनकर सदा फैलाता… माँ कर दे राह मेरी आलोकित, नमन मैं बारम्बार करूँ… ज्ञानप्रदायनि वीणावादनी, माँ तेरी जयकार करूँ….ll […]
