परिचर्चा संयोजक- डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ कविता के इतिहास से इस बात की गवाही मिलती है कि हर युग में कविता ने जनजागरण का कार्य किया है। कविता का मूल स्वभाव ही जनतंत्र की स्थापना और उनका जागरण है। 1923 में गयाप्रसाद सनेही जी द्वारा प्रारम्भ हुई कवि सम्मेलन परम्परा […]
इंदौर। विश्व पुस्तक दिवस के उपलक्ष्य में मातृभाषा डॉट कॉम द्वारा पुस्तक समीक्षा प्रतियोगिता में अलीराजपुर की संध्या रामप्रसाद पाण्डेय विजेता बनीं। मातृभाषा डॉट कॉम के सम्पादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने बताया कि ‘उक्त प्रतियोगिता डिजिटल स्वरूप में आयोजित की गई थी, कई रचनाकारों ने पुस्तकों की समीक्षाएँ भेजी […]
