गान लिखता हूँ

shivanand chobe
वेदनाओं में मधुर मुस्कान लिखता हूँ,
नफरतों में प्रेम का मैं गान लिखता हूँ।
ऐ मेरे खाक-ए-वतन तू रुह है और जान मेरी,
शौर्य गाथा में तेरे मैं जमीं आसमान लिखता हूँ।
भाव विश्व वन्धुत्व का है दिल-ए-जर्रो में तेरे,
सत्य,अहिंसा,प्रेम,दया का मैं आन लिखता हूँ।
है ‘शिवम्’ ख्वाहिश मेरी,हो कफ़न मिट्टी वतन की,
वास्ते तेरे में अपनी खुशियों की जहान लिखता हूँ॥
                                                           #शिवानंद चौबे
परिचय: शिवानंद चौबे की जन्मतिथि-१२ अगस्त १९९० है। आपका वर्तमान निवास राज्य उत्तर प्रदेश में ग्राम महथुआ (जिला-भदोही)है। समाजशास्त्र में एम.ए. के बाद अभी एमबीए(त्रिपुरा) जारी है।  कार्यक्षेत्र-शिक्षण ही है। उपलब्धि यह है कि,नेहरू युवा केन्द्र में राज्य प्रशिक्षक( भारत सरकार) हैं। राष्ट्रीय भाषण प्रतियोगिता में जिला स्तरीय विजेता रहे हैं। आपके लेखन का उद्देश्य-सबके
बीच सदाचार और प्रेम बनाए रखना तथा समाज हित की बात सामने लाना है।

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