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अनकहे अल्फ़ाज
Tue Oct 3 , 2017
ज़ख्म हम दिल के दिखाएँ तो दिखाएँ कैसे, हो गई है जो ख़ता उसको बताएं कैसेl रोज़ नफ़रत की दीवारें है उठाता ये जग, दिल को फ़ित्नों से बचाएँ तो बचाएँ कैसेl मुफ़लिसी देख मेरी जिसने भुलाया मुझको, ऐसे इंसां को वफ़ादार बताएँ कैसेl दिल से जो इश्क-मुहब्बत को दिखावा […]

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