मन की आँखें

kiran mor
दिल के आइने में अपने जरा झाँककर देखो,
चेहरा तुम्हें तुम्हारा ही नज़र आ जाएगा।
मन को अपने ही तुम आँककर देखो,
बैठाए हो जो पहरा, वो नज़र आ जाएगा।
लालच का जो कुआँ अपने अन्दर बना रखा है,
वो तो कभी भी शायद भर ही न पाए।
ईर्ष्या, द्वेष, अहम का चोला उतार कर देखो,
तुम्हारे सीने में भी तुम्हें,राम नजर आएगा॥
                                                                      #श्रीमती किरण मोर
परिचय: श्रीमती किरण मोर मध्यप्रदेश के कटनी जिले में रहती हैं। आपकी जन्मतिथि-२५ नवम्बर १९६३ और जन्म स्थान कटनी है। शिक्षा-बी.ए. तथा कार्यक्षेत्र-गृहिणी के साथ ही लेखन कार्य है। सामाजिक क्षेत्र में आप महिला समिति में प्रचार मंत्री हैं। लेखन की विधा-गीत कविता,गजल एवं मुक्तक है। कुछ साझा प्रकाशन आपके नाम हैं। रचनात्मक सहयोग के लिए आप सम्मानित की गई हैं,तो शब्द शक्ति सम्मान भी प्राप्त किया है। आपकी लेखनी का उद्देश्य व्यवस्था और समाज में व्याप्त बुराइयों को लेखनी के माध्यम से दूर करने का प्रयास है। बेटी और नारी पर हो रहे अत्याचार का विरोध भी इसी ज़रिए करती हैं।

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Sat Aug 26 , 2017
आस्था के नाम पर, जो भी करें व्यापार, उसको हर एक शख्स से, कोड़ें लगें हजार। कोड़ें लगे हजार, गले हो जूती माला, बैठा गधे पर गंजा कर,मुंह कर दो काला। कह ‘सागर’ कविराय,रुके ये जब ही प्रथा, कुप्रथाओं के नाम,जब बन्द हो चर्चा॥               […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।