हमारा देश है सबसे न्यारा।
इसलिए हमें है अपनी जान से प्यारा॥
हमारे देश का नाम है भारत।
हम भारतीयों के दिल में है इसकी चाहत॥
भारत की सबसे अलग ही है पहचान।
अनेकता में एकता है इसकी शान॥
हमारे वीरों ने ही दी अपनी कुर्बानी।
तब मिली हमें नई जिंदगानी॥
इन्हीं वीरों ने ही एहसान फ़रामोश पाकिस्तान को ललकारा।
फिर इस तरह हमारे देश में आजादी का ध्वज लहराया॥
हिन्दुस्तान की आजादी है हमारी जिंदगी।
इसलिए तोड़ दो सारी बंदगी॥
यह वीर ही देश की जान,आन,शान है।
इसलिए भारत का दूसरा नाम ही
हिन्दुस्तान है॥
सदा खिलना तुम जैसे खिलता है कमल।
गौर कीजिए मेरी गुजारिश पर, कीजिए आप अमल॥
#तृप्ति तोमर
परिचय : भोपाल निवासी तृप्ति तोमर पेशेवर लेखिका नहीं है,पर छात्रा के रुप में जीवन के रिश्तों कॊ अच्छा समझती हैं।यही भावना इनकी रचनाओं में समझी जा सकती है। मध्य प्रदेश के भोपाल से ताल्लुक रखने वाली तृप्ति की लेखन उम्र तो छोटी ही है,पर लिखने के शौक ने बस इन्हें जमा दिया है।