हाइकु

1/नारी घर है
नहीं तो मकान है
यही सत्य है ।

2/ज़िंदगी क्या है
अनुभव की पूँजी
सुख-दु:ख की।

3/जीवन गाथा
घबरा गया है जो
कायर है वो।

4/समय चक्र
समझा है जिसने
संतुष्ट है वो।

5/बीती ज़िंदगी
व्यर्थ की बातों मे जो
ध्यान दो अब

उर्मिला मेहता,

इंदौर, मध्य प्रदेश

लेखिका परिचय

नाम -उर्मिला गिरीश मेहता
जन्म वर्ष – 1949
शिक्षा:
बी . ए. अंग्रेज़ी साहित्य, 1969
एम. ए .हिंदी साहित्य,1971

प्रकाशित पुस्तकें….

1/ उर्मिला सचित्र (खंड काव्य )
2/ ऐसा आपको कब से है? (हास्य -व्यंग्य संग्रह )
3/ भावांजलि (कविता संग्रह )
4/ पर्यावरण संरक्षण के परम्परागत तरीके (आलेख संग्रह )
5/ ऐसे बनाई मैंने अपनी पहचान (आलेख संग्रह )
6/ श्री कृष्ण की लीलाएँ एवं महाभारत कथा (प्रकाशनाधीन)
7/ हास्यमेव जयते (प्रकाशनाधीन-हास्य व्यंग्य संग्रह)
साझा संकलन –
1/ स्त्रीत्व,
2/ आधी आबादी

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हाइकु लेखन

Thu Apr 27 , 2023
अनुरंजित भू आकाश त्रिकाल सूर्य प्रखर ॥१॥ खग विहंग कल्ररव नीरव मधुरतम ॥२॥ पादप गण फल छाया से भरे संत साधना ३॥ तटीनी बहे शांत वेग वाहिनी तपसन सी ॥४॥ संध्या बिखरी विमान लाल गोल सूर्य शीतल ॥५॥ सुरभि सपन जैन अलीराजपुर, मध्यप्रदेश साहित्यकार परिचय नाम – श्रीमति सुरभि सपन […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।