आदर्श शिक्षक, शिक्षिकाएँ सम्मान से देशभर के शिक्षकों को किया सम्मानित

आगरा |

बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी ने अखिल भारतीय स्तर पर देशभर के सत्तर से अधिक शिक्षक / शिक्षिकाओं को आदर्श शिक्षक व आदर्श शिक्षिका सम्मान से सम्मानित किया | यह कार्यक्रम शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर आयोजित किया | अकादमी ने ऑनलाइन प्रविष्टियां मंगवाई और पंजीकृत डाक / कोरियर से आकर्षक सम्मान पत्र व उपहार पुस्तिका जो शाकाहार, स्वास्थ्य, जीव प्रेम पर आधारित है | प्रविष्टिकर्ताओं को उनके निज निवास, पत्र व्यवहार पते पर प्रेषित की गई |

आपको बतादें कि आनेवाले राष्ट्रभाषा हिंदी दिवस पर भी संस्था इसी तरह का कार्यक्रम आयोजित करेगी | संस्था अध्यक्ष मुकेश कुमार ऋषि वर्मा का मानना है कि, इसतरह के कार्यक्रमों से माँ शारदे की सेवा, राष्ट्रभाषा हिंदी का प्रचार – प्रसार, सत् साहित्य को जीवित रखने का उपाय, पुस्तकों को उचित मान सम्मान मिले एवं कलम साधकों को हमेशा उर्जावान बनाये रखना ही हमारा उद्देश्य है |

देश ही नहीं पूरा संसार इस समय कोरोना से जंग लड़ रहा है | इसलिए कार्यक्रमों का आयोजन अधिकांश ऑनलाइन ही किया जा रहा है | लेकिन संस्था कार्यक्रम ऑनलाइन करा रही है, परन्तु सम्मान सामग्री डाक / कोरियर द्वारा प्रतिभागी के घर तक पहुँचा रही है, ताकि कहीं भी प्रविष्टिकर्ता को बनावटी महसूस न हो | कुलमिलाकर शिक्षक दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम पूर्णतः सफल रहा |

  • प्रभारी
    बृजलोक अकादमी

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।