प्रार्थना-पत्र 17

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सेवा में,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी,
दिनांक: 26 फरवरी 2020
विषय: नागरिकता संशोधन कानून सीएए के पक्ष में पदयात्रा हेतु अनुमति।

आदरणीय महोदय
जय हिंद!
आदरणीय माननीय सम्माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं सशक्त गृहमंत्री अमित शाह जी ऊपरोक्त नियम के विरोध एवं पक्ष के टकराव में हो रही हिंसक आगजनी पर अत्यंत दुख हुआ।
प्रधानमंत्री जी जब आप देश के अतिथि की आवभक्त में लीन थे।विशेषकर वो अतिथि जो विश्व के सब से शक्तिशाली राष्ट्र के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप थे।जो नजदीक भविष्य में भारत के विकास व शक्ति में सहयोगी प्रमाणित होंगे।उस समय कांग्रेस व विपक्ष के नेता उक्त अतिथि की सेवा में तथाकथित खर्च हो रहे सौ करोड़ रुपये का रोना रो रहे थे।जबकि उक्त सेवा का अप्रत्यक्ष लाभ उन आलोचकों को दिखाई नहीं दे रहा था।विशेष रूप से जब वे भारत की भूमि से पाकिस्तान को इस्लामिक आतंकवाद पर बार-बार चेतावनी दे रहे थे।
प्रधानमंत्री जी जब आप भारत के विकास व सशक्तिकरण हेतु अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से तालमेल बढ़ा रहे थे।तब पाकिस्तान व उसके चहेतों को पेट में दर्द हो रहा था।जिसका प्रमाण दिल्ली में की गई हिंसक आगजनी है।जिससे अनमोल मानव जीवन एवं करोड़ों रुपये का नुक्सान हुआ और लोगों के रोजगार भी समाप्त हो गए हैं।
प्रधानमंत्री जी इसमें कोई संदेह नहीं है कि उक्त जान एवं माल की हानि से आपकी कुशल सरकार भी प्रभावित हुई है।जिससे आपकी कुशल सरकार के आदर मान सम्मान पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगे हैं। जैसे जब उक्त उपद्रवी साजिस रच रहे थे।तब आपका गुप्तचर तंत्र कहां था और सुरक्षा तंत्र ने भी अपनी कुशलता का परिचय क्यों नहीं दिया था?अर्थात यदि उपद्रवी सफल हुए तो आपकी और सशक्त गृहमंत्री जी की कुशल सरकार विफल हुई भी हुई है।
प्रधानमंत्री जी कुशल प्रशासक वह होते हैं।जिनका कुशलत प्रशासन जमीन से जुड़ा दिखाई देता है।किन्तु क्या आप इस सत्य को झूठला सकते हैं कि सीएए के पक्ष में आपको दी गई पदयात्रा की अनुमति हेतु मेरी 3 जनवरी 2020 को दी गई प्रार्थना में हो रही देरी कुशल प्रशासन की श्रेणी में नहीं आती?इसलिए राष्ट्रीय विचारधारा के पक्ष में अपना कर्त्तव्य निभाने हेतु राष्ट्रहित में नागरिकता संशोधन अधिनियम अर्थात सीएए के पक्ष में मुझे एसडीएम खौड़ जिला जम्मू से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय दिल्ली तक की पदयात्रा की अनुमति शीध्र अति शीध्र देकर कृतार्थ करें।सम्मानीयों जय हिंद

प्रतिलिपि सेवा में1 माननीय सांसद डा जितेंद्र सिंह जी शमशेर सिंह मन्हास जी एवं जुगल शर्मा सहित
2 माननीय उपराज्यपाल जम्मू कश्मीर डिव काम जम्मू डीसी जम्मू और एसडीएम अखनूर व एसडीएम खौड़ एवं कई अन्यों को सूचना एवं शीघ्र उचित कार्यवाही हेतु अणुडाक अर्थात इमेल द्वारा सादर भेज दी हैं सम्माननीयों जय हिंद

प्रतिलिपि सेवा में:- (1) माननीय सांसद डा.जितेंद्र सिंह जी, शमशेर सिंह मन्हास जी एवं जुगल शर्मा सहित
(2) माननीय उपराज्यपाल जम्मू कश्मीर,डिव काम जम्मू, डीसी जम्मू और एसडीएम अखनूर व एसडीएम खौड़ एवं कई अन्यों को सूचना एवं शीघ्र उचित कार्यवाही हेतु अणुडाक अर्थात इमेल द्वारा सादर भेज दी हैं।सम्माननीयों जय हिंद

प्रार्थी
इन्दु भूषण बाली
आरएसएस के स्वयंसेवक, पत्रकार, चिंतक, आलोचक, हिंदी+अंगरेज़ी+डोगरी लेखक, विचारक, शोधकर्ता एवं भारत के राष्ट्रपति पद का पूर्व प्रत्याशी समीप महावीर मंदिर खौड़ कैंप,
डाकघर व तहसील:- खौड़
जिला:- जम्मू
प्रदेश जम्मू व कश्मीर

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।