सोमालोब साहित्यिक मंच ने बघेली रत्न से सम्मानित किया

सोंधी माटी लोनी बघेली साहित्यिक मंच सीधी मध्यप्रदेश द्वारा नये साल के पूर्व संध्या में आयोजित ऑनलाइन कवि सम्मेलन में सम्मिलित कवियों को 08 जनवरी 2020 को बघेली रत्न से सम्मानित किया गया,उपस्थित कवियों में हरि विलास हरि,अरुण पयासी ,सीताशरण गुप्त,अंजनी सिंह सौरभ डॉ.यू बी एस परिहार ,शिवपाल तिवारी, रामसुख मिश्र सफाया,सुधाकांत मिश्र बेलाला,प्रभाकर सिंह चंदेल घायल,कमल किशोर कमल,डॉ.शिवार्चन शुक्ल मधुर, रामसखा नामदेव,रामकथा नटनागर,प्रांजल मिश्र विनय,रमाकांत द्विवेदी सावन,नवीनकुमार भट्ट नीर, ,आशीष तिवारी निर्मल,अतुल द्विवेदी अंजाना,राजेश कुमार तिवारी, कुंजल साकेत कुंज,कमलेश कुमार कायल थे,ज्ञातव्य हो कि यह सम्मान संस्थान के अलंकरण प्रभारी नवीन कुमार भट्ट नीर द्वारा प्रदान किया गया,सम्मान के उपरांत
कबिसम्मेलन के कमल किशोर कमल ने अपने उद्बबोधन में कहा कि नवीन भट्ट”नीर”जी के सराहनीय काम। अपना खूब बढी होय निकहा नाम बहुत बहुत बधाई सुभकामना सम्मानित कवि जनों को,राघव प्रसाद विश्वकर्मा ने बघेली रत्न से सम्मानित सबै कबियन काहीं बधाई दी,सुधाकांत बेलाला ने कहा कि सोंधी माटी लोनी बघेली एक अइसन साहित्यिक पटल है जहांँ बघेली भाखा का आगे बढ़ाबै के साथ साथ बोल चाल के अउर जादा सब्द सामिल कइके एही भारत मा बोली जाइ वाली तमाम बोलिनके बरोबरी मा खड़ा होइ लाइक बनाबै म पटल से जुरे सबै साहित्यकार बरोबर लगे हैं।पटल म सुतंत्र बघेली कविता छंद के साथ-साथ बघेली भाखा म दीन विषय पर सनीचर के दिन कविता अउ सुम्मार के दिन आलेख लिखै के परंपरा के कारन पटल के रचनाकारन के कलम कविता लिखै के साथ साथ आलेखउ के भंडार बढ़ाइ रहें है। साथै समय समय पर राष्ट्रीय त्योहार अउर दुसरेउ मौके पर बघेली ऑनलाइन कवि सम्मेलन मा सब रचनाकार भाग लेबा करत हैं,जेखे कारन कवियन का प्रस्तुतीकरन म बढ़ाबा मिल रहा है। आसा है पटल अइसै आगेउ बघेली भाखा का धनी बनाबै के कोसिस करत रही सबय सम्मानित कवियन का बधाई नीर केर आभार,पटल परभारी डॉ मधुर ने कहा कि आनलाइन कविसम्मेलन के अलंकरण संयोजक नीर जी के शुक्रिया।
बघेली रत्न से बिभूसित सबै सम्मानी कलमकारन की बधाई,विनय प्रांजल ने कहा कि आदरणीय डॉ मधुर जी के कारकाल म बघेली रत्न केर सम्मान कइअक आदरणीय कवियन क मिला, नीर जी के प्रयास से निकहा निकहा परमान पत्र दीन गा।सबय जनेन क बधाई अउ पटल केर आभार,प्रभाकर सिंह घायल ने कहा कि सोंधी माटी लोनी बघेली सम्मनित पटल,आद•पटल संस्थापक,आद•पटल प्रभारी,आद•पटल अधिकारिन,आद•पटल के बघेली कवियन/कवयित्रिन,”बघेली रत्न” से सम्मानित सबय आद कबियन,आद
अलंकरन प्रभारी; सबकी सादरय नमन करत ; अलंकरन प्रभारी आद• “नीर”जी का आभार,सबय साहित्यकारन का नमन हमार सौभाग्य आय कि हमहीं आज बघेली रत्न सम्मान से सम्मानित करय केर सौभाग्य मिला,अपना सबकेर प्यार मिलत रहय अउ बघेल खण्ड केर यह संस्थान अइसे हरिआत रहय आपन निकहा छाप छोड़य सबय बघेली रत्न कविअन,
पदाधिकारिन का नमन करिथे थे आपन बात का विराम देइत थे,पटल के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ शिवार्चन शुक्ल मधुर उपस्थित में कार्यक्रम अध्यक्ष द्वारा समापन किया गया।कार्यक्रम में पदाधिकारी समेत कवि जन उपस्थित थे।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।