
जब उम्र बढ़ जाएगी
इत्र की जगह आयोडेक्स की खुशबू आएगी
कहता हूँ अब भी मिल लो
ये घड़ियाँ पलटकर नहीं आएंगी
अभी तो आँखो मे नूर बाकी है
फिर खूबसूरती नज़र नहीं आएगी
अभी तो यार होंगे अपने साथ
फिर केवल छड़ी ही नज़र आएगी
आवाज़ सुन लो दोस्तों की
फिर कानों में मशीन नज़र आएगी
हंस लो खिलखिला कर आज
फिर नकली बत्तीसी झलक दिखाएगी
जब दोस्त बुलायें, चले जाओ
फिर डॉक्टर से फुर्सत नहीं मिल पाएगी
समझ जाओ यारों समझ जाओ
ये चलती फिरती उम्र फिर नहीं आएगी
- #पूजा कुमारी
सीवान(बिहार)

