होली का त्यौहार है आया, खुशी हजारों रंगों में।
प्यार से होली खेलेंगे ना, शामिल होना दंगो में।
मदिरा सेवन करें नही हम,सादा खाना खाना है।
द्वेष बैर ना दिल मे अपने,सबको गले लगाना है।।
प्रेम के हम पैगामी हमको,पड़ना ना भई पंगो में।
प्यार से होली खेलेंगे ना,,,,,,,,,,,,,
घर -घर जाके हमको सबके ,जमके रंग लगाना है।
प्यार बखेरें प्यार समेटें ,प्यार का रंग चढ़ाना है।।
अच्छी संगत अच्छी रंगत ,रहना ना बेढंगों में|
प्यार से होली खेलेंगे ना,,,,,,,,
#कुलदीप खदाना
परिचय : कुलदीप खदाना पेशे से फौजी हैं। इनके पिता-बांके सिंह भी फौजी(अब स्व.)रहे हैं। इनकी जन्म तारीख-२-फरवरी-१९८७ और जन्म स्थान-बुलन्दशहर है। वर्तमान पता-पोस्ट-खदाना,जिला-बुलन्दशहर(उत्तर प्रदेश) है।बी.ए. तक शिक्षित श्री खदाना का कार्यक्षेत्र-पैरा मिलिट्री (एसएसबी)है। आपके लेखन का उद्देश्य-शौक ही है।