हर लम्हा अनमोल

niraj tyagi
जिंदगी भर जिंदगी के बिखरे तिनके चुनता रहा।
बिगड़ते हुए ख्वाबो को यूँ ही बुनता चला गया।।
भरे हुए जख्म जिन पर नमक लगाया लोगो ने,
उन छिले जख्मो को मरहम लगाता चला गया।
सपने जो पेड के पत्तो से ओश की बूंदों सा टपक रहे थे।
उन बूंदों को अपनी हथेली में एकत्रित करता चला गया।।
मालूम ना था मुरझाए हुए फूलों को भी बचाना होगा।
गुलदस्ते में फिर शुखे हुए लम्हो को भी लगाना होगा।।
जीवन का सार जीवन निकलने के बाद समझ मे आया।
जीवन में ना जाने कब कौन सा लम्हा काम आ जायेगा,
हर बिता लम्हा कभी ना कभी अपनी कीमत दिखलायेगा।।
 
नीरज त्यागी
ग़ाज़ियाबाद ( उत्तर प्रदेश )

matruadmin

Next Post

अमृतसर

Mon Oct 22 , 2018
अमृतसर ट्रेन हादसा…………  धू ..धू ..धू..धू जलता रावण, पटरी पर खड़े लोग, एक सौ बीस की रफ्तार से गुजरी ट्रेन, लाशें ही लाशें, चीखें ही चीखें, वो भयानक मंजर, आखिर जिम्मेदार कौन ? ह्रदय विदारक घटना में बच्चे,बूढ़े,जवान की चली गई जान थे जो काल से अनजान ।। हे । […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।