भारत बंद 

swati gupta
भारत बंद का कैसा महाजाल,
कर देता है जनता को बेहाल,
माँगे पूरी मनवाने की खातिर,
कुछ लोग करते है हड़ताल,
एक दिन भारत बंद होने से,
अर्थव्यवस्था का हो बुरा हाल,
सारे कामकाज ठप्प पड़ जाते,
दैनिक मजदूरों के होते फटेहाल,
बड़े लोग बजाते चैन की बंशी,
आम आदमी ठन ठन गोपाल,
परिणाम इसका बुरा ही होता,
स्वार्थी लोगों की ये षड्यंत्र चाल,
कहीं हो जाते दंगे,और आगजनी,
कहीं बंद रूप ले लेता विकराल,
आँखे खोलो,सुधर जाओ अब,
बुद्धि का करो सही इस्तेमाल,
शांतिपूर्ण तरीके से काम करो,
देशप्रगति को न खतरे में डाल,
आंतरिक कलह के कारण कहीं,
अपने भारत में न आ जाये भूचाल।।
नाम- डॉ स्वाति गुप्ता
साहित्यिक उपनाम- डॉ स्वाति गुप्ता
शिक्षा- पी एच डी(अर्थशास्त्र)
कार्यक्षेत्र- गृहिणी
विधा- काव्य स्वतंत्र लेखन
प्रकाशन- सांझा संकलन (तेरे मेरे शब्द)
सम्मान-  काव्य सम्पर्क सम्मान
लेखन का उद्देश्य- वर्तमान परिस्थितियों,समस्याओं और उनके विभिन्न पहलुओं को काव्य के माध्यम से पाठकों को जाग्रत करना।

matruadmin

Next Post

अनाम भीड़ के खतरे

Sat Sep 15 , 2018
ये भीड़ कहाँ से आती है ये भीड़ कहाँ को जाती है जिसका कोई नाम नहीं है जिसकी कोई शक्ल नहीं है जिसको छूट मिली हुई है समाज,कानून के नियमों से जिसकी शिराओं में खून की जगह द्वेष की अग्नि बहती है जिसके मस्तिष्क में भवानों के वजाय क्रोध भड़कती […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।