करो नित योग, योग भगाये रोग, प्रकृति से तन-मन का नाता जुड़वाते योग । चित्त वृत्तियों को सत राह दिखाये- गांव-गली, शहर-शहर अलख जगे योग ।। मानव तेरे मिट जायेंगे सब भोग, योग दिवस मनाओ मिल सब लोग । भारत फिर से विश्व गुरु बन जायेगा- जीवन खुशहाल बनाता है […]
काव्यभाषा
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