आओ मिलजुल जश्न मनाएँ, स्नेह सुधा चहुं दिस बरसाएँ, सुख समृद्धि धरा पर लाएँ। पावन है गणतंत्र हमारा, राष्ट्र प्रतीक तिरंगा प्यारा, प्रेम भाव भाईचारा का त्याग, दया, कर्त्तव्य हमारा। ऐसे जन-गण-मन के नायक, कर्मशील के गुण हम गाएँ, आओ मिलजुल जश्न मनाएँ। संविधान की ध्वजा त्रिवेणी, मानवता की गुंथे […]

नींद की छाँव में आकाश को बदलते देखा वह चाँद मेरे बागों में टहलते देखा। भौरें को कमल में बदले देखा नीले जल का आकाश देखा । बंद आँखों से जो देखा सपना वह हक़ीक़त नहीं, मंज़िल की तरफ जाने का एक यत्न देखा। पंछी के गीतों का गुंजन स्वर […]

ठण्ड के मौसम में मैं अक्सर सोचा करती हूँ उस बर्फ की नदी को लेकर जिसकी सतह संगमरमरी पत्थर का अहसास दे जाती है कितना दुखदायी होता होगा बहती नदी का पत्थर हो जाना ठण्डा पड़ना याकि संवेदन शून्य हो जाना परंतु फिर याद आती है उसके  भीतर की जीवंत […]

है मेरी सरकार, सुन लो यह पुकार है मेरी बैठी मजबूत सरकार फिर कैसे हो रही दरकार झारखंड में सम्मेद शिखर जी, की सुन लो पुकार हम जैनी कह रहे कैसी हो तीर्थो की पवितत्रता बरकरार ऋषि मुनियों के चिंतन का सार जैन सिंद्धान्त के रूप में हो तीर्थो का […]

मैंने सोचा क्यों ना आसमान से अपना हिस्सा मांगा जाए आसमान ने कहा हिस्से तो धरती के लगते हैं मेरा सबकुछ सबका है कोई प्लॉट साइज नहीं कोई बाड़ाबंदी नहीं जिसका ‘मन’ करे जब चाहे उन्मुक्त उड़ान भर ले। अर्द्धेन्दु भूषण इन्दौर, मध्यप्रदेश लेखक वर्तमान में शहर इन्दौर में कार्यरत […]

जीवन का नव वर्ष प्रिये यह प्रीत नवल स्वीकार हो कौन – विश्वास दूँ में तुम्हें यह रीत नवल स्वीकार करो …। मुझको खिंचता निरंतर तुम गीत नई मुस्कान हो सिर्फ पक्ष नहीं दो शब्दों में यह प्रसंग नवल स्वीकार करो । विषाद राग से भरी रही न सुख कहीं […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।