ये तूफान के पहले की शांति है या आंधी के बाद का सन्नाटा? हकीकत चाहे जो भी हो लेकिन उम्मीद जो तुमने जगाई, उसके बाद सन्नाटे का ये आलम ऐसा लगता है जैसे मंजिल तो मिली पर चैन नहीं, पूछो अपने आपसे कि यहाँ बैचेन कौन नहीं। जंग समाप्त होने […]
काव्यभाषा
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