जिसका हमें था इन्तजार, किसके लिए सब थे बेकरार। वो घड़ी आ गई आ गई, बच्चे सारे अब स्कूल आएँगे, पुष्प उपवन के मुस्काएँगे। कक्षाएं फिर से गुनगुनाएँगी सारी, उदासी सारी मिट जाएगी हमारी। चारों तरफ फिर गूँजेगी किलकारी, ओ………………. बच्चे सारे अब स्कूल आएँगे, पुष्प उपवन के फिर मुस्काएँगे। […]
