
आत्मा का मूल धर्म शांति
आत्मा का यही मिजाज
क्रोध होता मात्र क्षणिक
चलता शांति का ही राज
क्रोध बिगाड़ता शरीर को
आत्मा विचलित हो जाती
आत्मस्वरूप मे रहने मात्र से
मन को शांति मिल जाती
मन के शांत रहने मात्र से
संकट मिट जाएंगे सारे
तन मन दोनों स्वस्थ रहेगे
परमात्म पा जाओगें प्यारे।
#श्रीगोपाल नारसन

