ये गगन ये धरा, ये मौसम हसीं। चलो तुम सदा , रुको ना कभी। सागर की लहरें, नदिया की धारा। कुछ बताएं हमें, समझो इशारा। ना रुकना कभी , चलते रहना सभी। मिले उर्वर धरा, या बंजर जमीं। मिले पुष्प ,कंटक, या पतझड़ कभी। मिले रोशन जहां, या अँधेरी गली। […]
इंदौर । सर्वाधिक हिन्दी प्रेमियों से सुसंगठित हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए प्रतिबद्ध ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ द्वारा प्रतिवर्ष दो हिन्दी साधकों को ‘हिन्दी गौरव अलंकरण’ से विभूषित किया जाता है। इसी शृंखला में वर्ष 2021 के हिन्दी गौरव अलंकरण चयन समिति ने मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के मंत्री एवं […]
