26 जनवरी गणतंत्र दिवस विशेष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ अरुण की लालिमा फैलने लगी, दसों दिशाओं में भारत की गूंज उठने लगी, वैश्विक रूप से मज़बूत होता भारत अमृत काल की अमृत बेला का नेतृत्व करने लगा, विश्व में भारत भारती का जयघोष होने लगा, क्या अमरीका, क्या ब्रिटेन, सभी राष्ट्राध्यक्ष अब केवल […]
तुमको वंदन हे रघुनंदन! प्रभु अभिनंदन है, अभिनंदन, ठाढ़े करज़ोर करत वंदन, अभिनंदन हे दशरथनंदन! न जाने ये कैसी परीक्षा थी! सदियों-सदियों से प्रतीक्षा थी, दो दर्शन कौशल्यानंदन, प्रभु अभिनंदन है, अभिनंदन। दो-दो वनवास दिया जग ने, पुरुषोत्तम रूप जिया तुमने, तेरे अपराधी करते क्रंदन, प्रभु अभिनंदन है, अभिनंदन। है […]
