जिसको छुप छुप मैं तकती थी,,जिसपे सच मुच मैं मरती थी,, जिसकी आहें मैं भरती थी,,जिसकी चिट्ठीयां मैं पढ़ती थी,, ये तो वही दिवाना है, ये तो वही दिवाना है,, जिसकी बातों में जादू था,,दिल जिसके लिए बेकाबू था,, जिसकी आखों में रव़ानी थी,,जिसकी मैं दिवानी थी,, ये तो वही […]
