चरित्र बहुत अनमोल है रखिए इसे सम्भालकर मन,वचन कर्म बेदाग हो रखिए कदम सम्भालकर जिंदगी बीत जाती है चलन अपनी सुधारने में एक जरा सी फिसलन रख देती खेल बिगाड़कर कदम कदम पर कांटे बोती बैरन माया राह में हमारी बचकर उससे रहना होगा संयम की बाह पकड़कर सेवा,साधना,सद्कर्मो से […]
