प्यार भरा हो हर रिश्ते में,गलतफहमी से ना हो विदाई! दीवाली का पर्व आया, चलो दिल की भी करें सफाई!! सम्मान हो हर फौजी का,किसान ना सड़को पर आए! अपनापन दिखे हर किसी मे,नालगें कोई हमको पराये! हर पेट को रोटी मिले, गरीबी व बेरोजगारी मिट जाए! बरसात हो ऐसी […]

करवाचौथ का त्यौहार आया, हर तरफ धूम मची है! देखो तो तुम जरा गौर से, फ़ौजन की भी थाली सजी है!! काजल सिंदूर कंगन बिंदिया, वो पायल भी तो लायी है! फौजी की लम्बी उम्र को, उसने अपनी देह सजाई है!! दिल उसका भी मचलता है, बस देखले उसको एक […]

कब थमेगा ये सिलसिला, क्या ये बेटियां यूं मरती रहेंगी! बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बस नारों में दम भरती रहेंगी!! तुम उनका दिल पूछकर देखो, जो अपनी बेटी खो रहे हैं! सरकार खामोश बैठी है और, वो खून के आंसूं रो रहे है!! हवस मिटाकर ना पेट भरा तो, उसकी […]

वो प्रसिद्ध फिल्मी हीरोईन थी। अब उम्र हो चली और फिल्में मिलनी बंद होने लगी तो एक बड़ी राजनीतिक पार्टी में शामिल हो गयी और टिकट भी हासिल कर लिया। बड़े नेताओं ने समझा दिया था-‘ तुम अपनी छवि वैसी ही रखना जैसी फिल्मों के किरदार में थी,बच्चों से बेहद […]

बहुत नाजुक से हो गए है आजकल ये रिश्ते, अपने हर रिश्ते को कुछ इस तरह से निभा लो! अकड़ बढ़ गयी हो औऱ हो टूटने के कगार पर, तो कभी तुम झुक जाओ कभी उसे झुका लो। अपने हर रिश्ते को कुछ इस तरह से निभा लो!! दूरियां बहुत […]

मेरे हिन्दोस्तां पर लिखने बैठी, बता कौनसी कहानी लिखदूँ! खून की जो होली खेल रहा, उस फौजी की कुर्बानी लिखदूँ!! पल पल रंग बदलते नेता, उनकी रंगीन गिरेबानी लिखदूँ! खुद भूखा सबका पेट भरे, किसान की मेहरबानी लिखदूँ!! नोंच खाये जो औरत जात को, उन मर्दों की हैवानी लिखदूँ! कच्ची […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।