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स्वच्छता गीत 

सबसे सुंदर देश हमारा,विश्व को यह बतलाना है हाथ मिलाकर बढ़ो साथियों,भारत स्वच्छ बनाना है सोच बदलने देश बदलने एक मसीहा आया है छोड़ गंदगी शुचिता धारो,यह हमको समझाया है…
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ग़ज़ल…

तन्हा तन्हा रहती हूँ मैं अपनी मौज में बहती हूँ मैं तुम क्या जानो खंड़हर जैसी जर्रा जर्रा ढ़हती हूँ मैं निर्मल जल हिमगिरि से लेकर कलकल कलकल बहती हूँ…
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हमारे सपने

हारते हम नहीं, हारते हैं हमारे सपने। हम क्यूँ देते, इतनी अहमियत, अपने सपनों को। सपने सच नहीं, सच है ये , इक, मृगतृष्णा, इक भँवर। और, उस भँवर में,…
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गीत तुम्हारे लिए 

सुनो ! ये गीत तुम्हारे लिए है मेरे मन के हर भाव में, मैं तुम्हें हूँ पाती। दीपशिखा की भाँति॥ और जलती हूँ, जैसे प्रेम जोत की बाती॥ सुनो !!…
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आल्हा

मातृभाषा है हिन्दी मेरी,मेरे भारत का अभिमान। बावन अक्षर इसमें प्यारे,करते हैं हम सब सम्मान॥ बारह खड़ी की अद्भुत रचना,क से ज्ञ तक व्यंजन जान। स्वर की महिमा बड़ी अनोखी,प्राकृत…
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