स्वच्छता गीत 

Read Time0Seconds
sarita bhatiya

सबसे सुंदर देश हमारा,विश्व को यह बतलाना है
हाथ मिलाकर बढ़ो साथियों,भारत स्वच्छ बनाना है

सोच बदलने देश बदलने एक मसीहा आया है
छोड़ गंदगी शुचिता धारो,यह हमको समझाया है
मातृभूमि को जन्नत करने,यह अभियान चलाना है
हाथ मिलाकर …
खुद समझो सबको समझाओ महत्ता कूड़ा दान की
प्रबंधन से खाद बनाकर ,मदद करो किसान की
अपनी धरती सोना उगले,यह हमको बतलाना है
हाथ मिलाकर …
पॉलीथिन का दामन छोड़ो,कपड़ा ,कागज अपनाओ
गली गली हर शहर गाँव में शौचालय अब बनवाओ
वैभव शुचिता से आता है जन जन को समझाना है
हाथ मिलाकर …
लहर चलेगी गली गली तब स्वच्छ भारत अभियान की
घर घर में जब चर्चा होगी कचरा,कूड़ा दान की
वातावरण को शुध्द बनाओ यह संदेश पहुँचाना है
हाथ मिलाकर …

सरिता भाटिया 
उत्तम नगर( नई दिल्ली )
सम्मान :- 
ग्रेट आइकॉन ऑफ इंडिया अवार्ड
स्वच्छता मित्र सम्मान,G टाइम्स टैलेंट अवार्ड,साहित्य सरोज सारस्वत सम्मान,शोभना सम्मान,सरस्वती सम्मान ,मैं हूँ बेटी अवार्ड और अन्य कई स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र 
प्रकाशन :- तुहिन साँझा काव्य संग्रह ,वृंदा साँझा काव्य संकलन , भारत मित्र साँझा कुंडलिया संग्रह,कविता अनवरत सांझा काव्य संग्रह,  स्वरचित दोहासंग्रह प्रकाशाधीन 
कई पत्र पत्रिकाओं में रचनाये प्रकाशित 
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

कहमुखरी

Wed Jul 11 , 2018
आवे जावे मन बहलावे। जो जो पूछो बात बतावे। दूरन से वो लागे अपना। ऐ सखि साजन?ना सखि सपना। छैल  छबीला  वो हो जावे। मदमस्त चाल से वो रिझावे। साथ कभी उसने नहिं छोड़ा। ऐ सखि साजन?ना सखि घोडा। बिन उसके कुछ भी न होवे। दिन रात  की निदियां खोवे। […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।