जयपुर | यूथ वर्ल्ड इण्डियन सोशल फाउंडेशन के बैनर तले प्रदेश की राजधानी जयपुर में चेंबर ऑफ कॉमर्स (भैरों सिंह शेखावत सभागार) में 4 मई, 2019 को यूथ वर्ल्ड सोशल मीडिया मैत्री सम्मेलन एवं यूथ वलर्ड इण्डियन आइकॉन अवार्ड 2019 का आयोजन किया गया  जिसमें सम्पूर्ण भारतवर्ष की एक सौ […]

संक्रांति त्योहार तीर्थ पुण्य दान। दानी देते तिल गुड भोजन दान।। पशुओं को खिलाकर चारा दान। अतिथि देवो भव: गृह की शान।। यज्ञ अग्नि में करते समिधा दान। पुरोहितों को देते प्रिय वस्तु दान।। कर्ण ने रखा अतिथि पुरंदर मान। इंद्र को दिए कवच  कुण्डल दान।। राजा ने दिया बूढ़ी […]

    राजा सिद्धार्थ के घर जन्में, माता जिनकी त्रिशला रानी। उस वीर प्रभु की याद दिलाने, आई प्यारी रात दीवाली।। सज रहे है महल अटारी, ग्राम नगर और कुण्डलपुर नगरी। चौबीस दीपों के थाल सजाकर, मंगल स्वागत की तैयारी।। जैनम् जयति शासनम् की, जय -जयकार करते नर नारी। उस […]

आ तो सगला ने हरसावें। इण री शान कदै ना जावें। इरो जस हिलमिलकर गावें। छकड्यो राँका रो। झण्डाें बाघसूरी में लहरावें। बाला साहब री याद दिलावें। नारेल दीपक ज्योत जलावें। छकड्यो राँका रो। इण री अम्बिका माता प्यारी। सती माता लखमा देवी न्यारी। दिहाड़ी माता करती रखवारी। छकड्यो राँका […]

सूरज चाँद सितारे है प्यारे, पेड़ पहाड़ ये झरने है सारे। प्रकृति के उपहार है निराले, ये सब मानव के है रखवाले। बादल धरती पर वर्षा करते, नदी ताल तलैया सब भरते। सावन फुहारें बूँदों की जान, तरंगिणी का कल कल गान। सूरज जग को रोशन करता, चँन्द्रमा से मिलतीे […]

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  हिन्दी भाषा की बिंदी  में शान। तिरंगे के गौरव गाथा की आन।। राजभाषा का ये पाती सम्मान। राष्ट्रभाषा से मेरा भारत महान ।। संस्कृत के मस्तक पर चमके। सिंधी,पंजाबी चुनरी में दमके।। बांग्ला,कोंकणी संग में थिरके। राजस्थानी चूड़ियों में खनके ।। लिपि देवनागरी रखती ध्यान। स्वर व्यंजन में है […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।