भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्रीय राष्ट्र है। देश के ९० करोड़ मतदाता ११ अप्रैल से १९ मई के बीच लोकसभा की ५४३ सीटों के लिए मतदान करेंगे। जेल ५४३ सदस्य विजयी होंगे, उनसे और उनके दलों से ९० करोड़ मतदाताओं की स्पष्ट, नैतिक और लोकतंत्र को पुष्ट करने की […]

जम्मू | सर्व भाषा ट्रस्ट, नई दिल्ली की ओर से के. एल. सहगल हाल, जम्मू कश्मीर कला संस्कृति एवं भाषा अकैडमी, जम्मू में आयोजित सम्मान समारोह में यशपाल निर्मल को उनकी दीर्घ साहित्यक योगदान और भाषाओं की सेवाओं के लिए सर्व भाषा सम्मान 2018 से सम्मानित किया गया। इस अवसर […]

जम्मू | भाषा, साहित्य, कला और संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन के लिए समर्पित संस्था सर्व भाषा ट्रस्ट द्वारा दिल्ली के साहित्य अकादमी सभागार में प्रथम वार्षिकोत्सव का आयोजन किया  गया। इस कार्यक्रम में डोगरी एवं हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार यशपाल निर्मल की 32 वी पुस्तक “डोगरी लोक कत्थां ते मानवीकरण “ […]

जम्मू | डोगरी एवं हिंदी भाषा के युवा बाल साहित्यकार,  लघुकथाकार, कथाकार, कवि, आलोचक,लेखक, अनुवादक, भाषाविद्, सांस्कृतिककर्मी एवं समाजसेवी यशपाल निर्मल को उनके डोगरी एवं हिंदी भाषा और साहित्यिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए  हिन्दी विद्यापीठ पीठ, भागलपुर, बिहार की ओर से ” विद्या वाचस्पति” की मानद उपाधि से […]

अनुराधा और नीलम 12वीं की परीक्षा  पास कर ली थी। आज वह दोनो  जम्मू  विश्वविद्यालय में पत्राचार माध्यम से बी.ए. प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने आई थी। उन दोनों को न तो विश्वविद्यालय के विभागों की जानकारी थी और न ही वहां कोई जान पहचान का था। वह दोनों बहुत […]

जम्मू| जम्मू कश्मीर से डोगरी एवं हिन्दी भाषा के दो स्थापित एवं ख्यातिप्राप्त साहित्यकारों श्री यशपाल निर्मल और केवल कुमार केवल को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की काव्य रंगोली साहित्यक पत्रिका की ओर से साहित्य भूषण सम्मान 2018 हेतु चयनित किया है। काव्य रंगोली साहित्यक पत्रिका की ओर से […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।