समय की गति को वह अपनी चाल से भाँप रहा था।सूनी सड़क पर वह अकेला ही था। इस सड़क से उसका प्रायः रोज आना-जाना होता है। पर आज के दिन सड़क को खाली पाकर वह कयास लगाने लगा था , ‘ आखिर में क्या बात है जो सड़क पर राहगीरों […]

“तुमको कुछ नहीं होगा… तुम सुरक्षित हाथों में हो।” अटपटी सी अंग्रेजी में कहा था उसने। होश में आने के बाद मंजीत ने खुद को किसी अस्पताल में पाया। जिस्म से कई मशीनें जुड़ी थीं और वो भी…. किसी जरूरी मीटिंग के लिए दिल्ली आया था। प्रेजेंटेशन के दौरान उसे […]

दीप जला अर्चन करू, मन में पूजा भाव । नव दिन का नवरात्रि है, मइया देती छाव ॥1॥ माता के दरबार में, भक्तों का भरमार । पूजन वंदन कर रहे, माँ का बारम्बार ॥2॥ थाल सजा पूजन किया, नव दुर्गा का आज । भक्त सभी दर्शन किये, पूर्ण हुआ सब […]

सेवा शिष्टाचार ही, मानव की पहचान । जन प्रत्येक इसी लिए, दिख रहे परेशान । दिख रहे परेशान,आचरण अच्छा रखना । किये नहीं सत्कार, कहेंगे कैसे अपना । ‘रीत’‘कहे यह बात,मिलेगाकैसे मेवा । अच्छे रखो विचार, करो तुम सबकी सेवा ॥1॥ पक्षी सब आजाद हैं, नभ के छूते छोर । […]

‘दुखिया”तू गमों की मारी,दुखियारी, बेचारी.. ये मार्मिक नामकरण????? नहीं!नहीं! अब सुलझ चुके समीकरण।। नारी नहीं बेचारी।।। न ही दुखों की मारी।। ये अबला,अब बन चुकी “सबला” पुरजोर हौसला कर रहा,लाचारी का नाश, आज की नारी ,छू रही आकाश।।। गगन हो या धरती “विवशता” अब, नारी के समक्ष, पानी है भरती।।।। […]

भारत के हो लाल तुम्हारा अभिनंदन ! किया जो तुमने कमाल तुम्हारा अभिनंदन ! देश के नौनिहाल तुम्हारा अभिनंदन ! अरि को मार गिराय तुम्हें करते वंदन ! बनकरखड़े मिशालतुम्हारा अभिनंदन ! देश खुशी के साथ करे तुम्हरा अर्चन ! दुश्मन को दिये मात तुम्हारा अभिनंदन ! मस्तक तिलक लगाओं […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।