आजकल हिंदी अपनाने और अंग्रेजी की तिलांजली देने के कर्तव्य और संकल्प दोहराएँ जा रहें है |पर सरकारी कागजों पर हिन्दी कहाँ तक और किस स्तर तक पहुँची इस बात से सब नावाकिफ ही है |भाषा विज्ञानी  डॉ.जय कुमार जलज ने अपने शोध ग्रन्थ ‘भाषा विज्ञान’ में प्रकाशित एक […]

उलझ जाता है वो कई बार, ना जाने किस उल्टी उलझन में। बसा हुआ है जो पगला सा, मेरे दिल की हर धड़कन में।। :-डोल जाता है जब दिल उसका, तो बड़ा वो घबराता है…   खोकर सुध वो बावरा, मुझको फोन मिलाता है….   डरता है मुझको खोने से, […]

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शत शत नमन है उस, मेरे देश के वीर सपूत को, सारा देश रो रहा है उस, देश के अटल पूत को। राजनीतिज्ञ कहूं या दार्शनिक, या कह दूं उसे कवि, भारत देश के लिए था वो, एक चमकता हुआ रवि। मरते मरते भी जिसने,  ध्वज को ना झुकने दिया, […]

ना चाहते हुए भी वसु की आँखे नम थी।आँसुओं से आँखे भरी हुई पर वह ठान बैठी थी की आज वह उस अनमोल अश्क को गालों पर लुढ़कने ही नही देगी चाहे जो हो जाएँ। रक्तिम आँखे उलझा हुआ मन और बेकाबु धड़कने और बेइंतहा दर्द। आज दर्द हारेगा यह […]

अपना  समझ कर किया था एतबार, आज वो ही खून के आंसू रुला गया। क्या गिला  शिकवा करें औरों से हम, कोई अपना ही आशियां जला गया । उम्मीद  नहीं  थी  कुछ  सपने  में भी, कोई  अपना  ही  दुनिया हिला गया । जीवन  की  इन  बासंती फिज़ाओं में, कोई  अपना […]

मय्यत में मेरी तुम सभी चले आना, भूले से भी न तुम आँसू बहाना। उठाकर जनाजा कंधों पर अपने, मुझे शमशान तक सभी छोड़ आना॥ होंगे उस वक़्त वो नींद में मगरूर, भूले से भी न उसे तुम जगाना। मय्यत में मेरी तुम सभी चले आना॥ मुझसे अलग भी दुनिया […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।