Tag archives for bhasha anusuchi

तुम सभी चले आना…

मय्यत में मेरी तुम सभी चले आना, भूले से भी न तुम आँसू बहाना। उठाकर जनाजा कंधों पर अपने, मुझे शमशान तक सभी छोड़ आना॥ होंगे उस वक़्त वो नींद…
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कौन किसकी प्रियतमा …

इस जगत में कौन किसकी प्रियतमा है, कौन प्रीतम। प्रीति द्युति चमको जहां पल, वहीं फूटा चिर विरहतम। देख जिसकी ओर बस, प्रीत वह ही मुस्कराता मौन होकर बात मन…
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युवा पीढ़ी संभल कर विवेकानंद हो जाए

(स्वामी विवेकानंद जयंती विशेष) युगपुरुष,वेदांत दर्शन के पुरोधा, मातृभूमि के उपासक,विरले कर्मयोगी, दरिद्र नारायण मानव सेवक,तूफानी हिन्दू साधु,करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्त्रोत व प्रेरणापुंज स्वामी विवेकानंद का जन्म १२ जनवरी १८६३…
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क्या आप करना चाहते हैं हिन्दी को ‘छार-छार‘ ?

-प्रभु जोशी अंग्रेजों के शताब्दियों तक जर-खरीद गुलाम रहे भारत जैसे मुल्कों के बीच, वहां के मीडिया द्वारा बहुत कारगर युक्ति से यह मिथ्या-प्रचार लगातार किया जाता रहा है कि…
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