परम् पूजनीय युगपुरुष , सदी के महानायक हमारे पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी जी को अश्रुपूरित भावभीनी श्रद्धांजलि नमन ॐ शान्ति रो रही है धरती माता  ,                रो रहा सारा आसमान । अटलजी आपके जाने से ,               […]

आज सबको बतलाता हूँ , नारी के सोलह श्रृंगार । कोमल शरीर को सँवार के , सज जाती है देखो नार ।। परिवार की समृद्धि बढ़े , इसलिए नारी बिंदी लगाती । जीवन भर पति साथ निभाये , इसलिये माथे पे सिंदूर सजाती ।। काजल आँखों में लगाकर , बुरी […]

प्रीत का रोग लगा मुझे , नींदे उडी रात की । तुम अलबेली शाम हो ,  मेरे प्यारे गाँव की ।। प्रेमरस में खो जाता , इंतजार में कटे रतिया । हे खुदा उससे मिला , बरसती है ये अंखिया ।। चाँद देख उसे याद करू , तारों की मैं […]

लापसी न नुंगती खा रिया , और खा रिया दाल पूड़ी । किकर गला सु कव्वो उतरे , टूटे जद किणरी चूड़ी ।। मौसर रा चटकारा लेवो  , खूब दबा न जीमण जीमो । आधी उमर में बापू मर गियो , कोणी करवायो उणरो बिमो ।। घरका रो रिया घणा […]

*मंदसोर की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले बलात्कारी पर मौन नेता अभिनेता मिडिया एवं तमाम बुद्घिजीवीयों को धिक्कारती मेरी रचना* सुन इंसान , तुझे क्या हो गया , इंसान से , क्यों हैवान हो गया । बच्चियों को सरेआम नोच रहा , कहाँ पर तेरा जमीर खो गया ।। इंसान […]

हाथ की लकीरो के भरोसे , सुनो ,कभी तुम मत रहना । ये सब कहने की बातें , मन में वहम तुम मत रखना ।। मेहनत का फल मिलेगा जब , पसीना परफ्यूम ज्यूँ महकेगा । खून-पसीना लगेगा तब , भाग्य अपने आप चमकेगा ।। भाग्य का निर्माण स्वयं करेंगे […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।