याद उसकी इस कदर तड़पाने लगी, बातें उसकी बस जहन में आने लगी। सीमाओं से बँधा मन तड़प उठता, जब भी अकेलापन महसूस होता। बंदिशों पर सख्त पहरे लगे थे, जब भी तोड़ी कमरे में कैद आवाज मिली। कभी कप टूटा,कभी प्यालियों की आवाज, कानों को बेहिसाब मिली। कभी टमाटर […]

उम्मीदों और आशाओं का महल तैयार किया, पलकों पर अपनी सदैव नाज किया, लहलहा रही थी खुशियाँ इर्द-गिर्द अम्बर,गगन सब टकटकी लगाये देख रहे थे, सपनों की उड़ान हौंसलों में पंख लगा रही थी, हर सपना हर अपना हर जज्बा सब अपने हो रहे थे, जलाए थे जिसने उम्मीदों के […]

रिश्ता भी मेरा था शर्तें भी मेरी थीं, रूठना भी मेरा था बस एक वो ही न मेरी थी। कसमें भी मेरी थीं वादे भी मेरे थे, हाँ और न की फितरत भी मेरी थी बस उसके बहते आँसू न मेरे थे। इन्तजार भी मेरा था साथ भी मेरा था, […]

नदिया का किनारा,साथ तुम्हारा साथी, ह्रदय की गहराइयों की थाह लगाते साथी। दूर क्षितिज भ्रुहरेखा-सी तरुमालिका दिखती, विस्फारित नयनों में पूरा संसार समेटते साथी। . देख लघुतरुणि असंख्य शब्द साथ चलते साथी, विश्वास की लग्गी से गहराई की आँक लगाते साथी। अदभुत है यह जीवन अदभुत सुहाना संसार साथी, पुलिनों […]

दिल के रिश्ते जब हिसाब करते हैं, हर दिन हर उत्सव उदास करते हैं। समय की धारा जब विपरीत बहती, तो आँखों से आँसू सवाल करते हैं॥ करूण वेदना से प्लावित दो ह्रदय, अन्तर्मन की पीड़ा का जवाब भरते हैं। अनसुलझे सम्बन्धों की गुत्थी को, बार-बार सुलझाने का प्रयास करते […]

रह-रहकर स्मृतियाँ कुरेदती हैं कभी मन्द गति,कभी बढ़ते आवेग में। सूना है मन का निलय, जाने कहाँ हुआ विलय बात-बात में नाम जुबाँ पर॥ . कभी खुशी से,कभी गीली कोरों संग, चाहता है मन बीते पल वापस मिल जाएं। कभी तुम,कभी यादें रहे संग, सूरत-सीरत सब एक जैसे सखी दन्तरिम […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।