कविता का रूप सरल मसले कुछ भी रहे मगर भाव, भाषा और विचार का सभी पर हो असर। कुछ आक्रमकता और कर्मठता पर्सनल हस्तक्षेप को न प्राथमिकता अच्छे शब्द और मौलिकता सही मायने में कविता की प्रमाणिकता । देश का सवाल हो या विदेश का प्रधान का सवाल हो या […]

एक नही हजार लिखूँगा देश विदेश संसार लिखूँगा जिसका दिवाना है सारा जहाँ उसके लिए कविता हजार लिखूँगा। जलने की मिशाल भी नया नहीं बात लिखने की अदा नही हाथी देखा नहीं कि बन बैठा कुकुर लगे भौंकने जैसै फिजुल। रास न आए मेरी सुन्दरता एडिट करना मेरी मौलिकता स्वंय […]

लेखक ने एक प्रसिद्ध चोर की कहानी लिखी जिससे उसे काफी ख्याति मिली। और लोग उस लेखक को चाहने लगे। उसकी कहानियों को पढने लगे।पर यह बात चोर को मालूम नही था।अपने चाहने वालों की वजह से लेखक बहुत मशहूर हो गया और धन दौलत भी काफी जमा हो गये।चोर […]

शपथ संविधान का लेकर निभाना जरूर लोगो के लिए चकाचौंध दुनिया और रूतवा पाकर भूल न जाना अगले चुनाव के लिए। जन भावना है इससे जुडा हुआ आशाओं का घर घर वसेरा है बंद ऑखो में बसी है मूरत तेरी टकटकी लगी है योजनाओ के लिए। रस्सा कस्सी दकियानूसी बातों […]

उसकी महिमा वही जाने सदा ही मुस्कुराएगा मोहनी सूरत वाला सबको मोहने पुनः धरती पर आएगा। आकर धरती पर सबसे पहले फैला आतंक मिटाएगा दुष्ट भ्रप्ट्राचारी और अबला का फिर कवच बन जाएगा मोहनी सूरत वाला सबको मोहने पुनः धरती पर आएगा। जब जब धरती पर पाप बढ़ा वो धरती […]

पर्व-त्योहारों या गम को दूर करने के लिए अथवा विभिन्न सामाजिक पार्टीयों में विशेषकर फब पार्टीयों में नशीली पदार्थो जैसे शराब सिगरेट आदि का प्रचलन बढ़ रहा है और इसे बुराई के तौर पर देखने की प्रवृत्ति प्रायः कमजोर हुई है।नतीजा, युवा वर्ग इस ओर ज्यादा आकर्षित हुए हैं जो […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।