मीडिया को आध्यात्म से जोड़ने का एक महायज्ञ

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gopal narsan

मीडिया मे आई नकारात्मकता समाप्त हो और आध्यात्म के रास्ते पर लाकर मीडिया को भी सकारात्मक सोच के सन्मार्ग पर लेकर चला जा सके।इसके लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय अपने मीडिया विंग के माध्यम से भारत और नेपाल के पत्रकारो को एक वर्ष मे कम से कम दो बार आमन्त्रित कर उन्हें नकारात्मक पत्रकारिता छोड़ने और सकारात्मक पत्रकारिता का मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।स्वयं ब्रह्माकुमारी संस्था की मुख्य परशासिका 103 वर्षीय दादी जानकी के शब्दों मे, “मीडिया सामाजिक परिवर्तन का एक बड़ा माध्यम है।इसलिए  समाज के चारित्रिक उत्थान के लिए मीडिया मे आई मूल्यों की गिरावट को दूर कर मीडिया की भी दशा व दिशा बदलनी होगी।तभी स्वर्णिम युग की परिकल्पना सामार हो सकती है। मूल्य आधारित समाज की स्थापना के लिए मीडिया एजेंडा को पुनर्गठित करने के लिए माउंट आबू के ज्ञान सरोवर मे आयोजित पांच दिवसीय नेशनल मीडिया सम्मेलन मे भारत व नेपाल से आये पांच सौ से अधिक मीडिया कर्मियो ने सकारात्मक पत्रकारिता करने और नकारात्मक समाचारो को नकारने का संकल्प लिया।मीडिया विंग के चेयरपर्सन बी के करुणा व डिप्टी चेयरपर्सन बी के आत्म प्रकाश  तथा मुख्यालय समन्वयक बी के शांतनु के संयुक्त नेतृत्व मे चले मीडिया से जुड़े छ सत्रो मे पत्रकारो ने इलेक्ट्रानिक,प्रिंट व सोशल मीडिया मे गिरते स्तर को लेकर गम्भीर चिता प्रकट की।इस सम्मेलन मे उत्तराखण्ड समेत विभिन्न राज्यो व नेपाल के  मीडिया से जुड़े लोगो ने भाग लिया।
मीडिया सम्मेलन के उद्घाटन मे  राजस्थान की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अनिता भदेल ने कहा कि भारत को आजादी दिलाने के लिए साहित्यकारों व पत्रकारों का  बहुमूल्य योगदान रहा है।ये दोनों वर्ग नये भारत की सरंचना करने में एक बार फिर अहम भूमिका निभा सकते हैं।  ब्रह्माकुमारीज के ज्ञान सरोवर परिसर में मूल्य आधारित समाज के लिए मीडिया एजेन्डा की पुनर्रचना विषय पर संस्था के मीडिया प्रभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहलाने वाले मीडिया में हिंसा से सम्बद्ध समाचार प्राथमिकता से प्र्रस्तुत करने की होड़ लगी है। सोशल मीडिया  का जमाना आ गया है लेकिन इसमें भी कई कमियां हैं। जिनके बावजूद लोग उस पर ज्यादा विश्वास करने लगे हैं।
सम्मेलन में उन्होंने कहा कि देवर्षि नारद प्रथम पत्रकार माने जाते हैं,वर्तमान समय में उनके आदर्शों को आचार संहिता के रूप में अपनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। प्रत्येक पत्रकार को यह सोचना होगा कि समाचार महत्वपूर्ण है या कि सामाजिक सरोकार। जिस तरह जीवन के हर क्षेत्र में मूल्यों में गिरावट अनुभव की जा रही है, उसे देखते हुए यह जरूरी है कि पत्रकार आत्मा की आवाज सुनें और समाज को सही दिशा देने के अभियान में ईमानदारी से सहयोग करें। व्यवस्था सुधारने के लिए सकारात्मक सोच अपनाने का जो आहवान ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा किया जा रहा है उससे जुडऩा समय की मांग है।
मधुर वाणी गु्रप के सदस्यों सतीश भाई, नीतिन भाई, गोविंद भाई ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। चंडीगढ़ से आई बालिका सिमोनी ने जब झूम झूमकर हर कली, बार बार कह चली, गीत पर स्वागत गीत प्रस्तुत किया तो भारत व नेपाल के विभिन्न भागों से आए मीडियाकर्मी झूम उठे।
संस्था के महासचिव बीके निर्वैर भाई ने वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि चारों तरफ तनाव का माहौल दिखाई दे रहा है। इसे कम करने के लिए जरूरी है कि नकारात्मकता को हावी न होने दिया जाए। मीडिया देश की पैंसठ करोड़ युवाओं को सही दिशा निर्देश देकर घर-घर जागृति लाने के लिए संस्था द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहभागी बन सकता है।
मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष बीके करूणा ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज ने सरकार के साथ स्वच्छता, योग व जैविक कृषि अभियान को सफल बनाने में मीडिया के सहयोग से ठोस कदम आगे बढ़ाये हैं। योग के साथ साथ राजयोग से मानसिक शांति प्राप्त करने का लक्ष्य पाया जा सकता है।
सोसायटी ऑफ मीडिया इनीशिएटिव फॉर वैल्यूज के राष्ट्रय संयोजक प्रो. कमल दीक्षित ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज द्वारा मूल्य आधारित समाज की पुनर्रचना के लिए मीडिया को सशक्त मंच प्रदान किया जा रहा है। संवैधानिक अधिकारों का जब सर्वत्र हनन हो रहा नजर आता है तो यह हमारा नैतिक दायित्व है कि इस स्थिति में समाज के साथ उसी प्रकार उठ खड़े हों जिस तरह से निर्भया व आरूषि कांड में हमने दमखम दिखाया था।उत्तराखण्ड के वरिष्ठ पत्रकार श्रीगोपाल नारसन ने टॉक शो मे एक पेनलिस्ट के रूप मे भाग लेते हुए सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग की पैरवी की।
राजस्थान विश्वविद्यालय में दूरसंचार विभागाध्यक्ष प्रो. संजीव भानावत,इंडिया टूडे के संपादक अंशुमान तिवारी ने भी मीडिया से सकारात्मक व सामाजिक सरोकार को अधिक महत्व देने का आहवान किया।
मीडिया प्रभाग उपाध्यक्ष बीके आत्मप्रकाश ने कहा कि आध्यात्मिकता के समावेश से पत्रकार सामाजिक परिवर्तन लाने में महती भूमिका निभा सकते हैं।
इंदौर जोन की क्षेत्रीय संयोजिका बीके हेमलता ने राजयोग का अभ्यास कराकर शांति की अनुभूति कराई।
प्रभाग के मुख्यालय संयोजक बीके शांतनू भाई ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। मुंबई के सुप्रसिद्ध गायक ओम व्यास ने गीत प्रस्तुत करके सबका मन मोह लिया।इस सम्मेलन मे पत्रकार हितो से जुड़े 9 प्रस्ताव ध्वनिमत से पास किये गए जिनमे अध्यात्म के रास्ते सकारात्मक पत्रकारिता की बात भी कही गई।सम्मेलन मे रायपुर के वरिष्ट पत्रकार मधुकर द्विवेदी,मोटिवेशनल वीडियो चैनल के गोपाल राजू,दिल्ली से सुशांत भाई,हरदीप भाई लुधियाना ,रुड़की से देवेन्द्र वर्मा ,फिरोज अहमद,अमित त्यागी,खामगांव से राजेश राजोरे व पीस आफ माइंड चैनल के कोमल भाई समेत अनेक लोगो ने पत्रकारिता के विभिन पहलुओ को लेकर चर्चा की और हाथ उठाकर सकारात्मक पत्रकारिता अपनाने का संकल्प लिया।जिसे एक सार्थक पहल माना जाने लगा है।इस मीडिया सम्मेलन मे पारित प्रस्ताव के आधार पर कई मीडिया घरानों नकारात्मक समाचारो के बजाए सकारात्मक समाचारो को स्थान देंना शुरू कर भी दिया है।

         #गोपाल नारसन

परिचय: गोपाल नारसन की जन्मतिथि-२८ मई १९६४ हैl आपका निवास जनपद हरिद्वार(उत्तराखंड राज्य) स्थित गणेशपुर रुड़की के गीतांजलि विहार में हैl आपने कला व विधि में स्नातक के साथ ही पत्रकारिता की शिक्षा भी ली है,तो डिप्लोमा,विद्या वाचस्पति मानद सहित विद्यासागर मानद भी हासिल है। वकालत आपका व्यवसाय है और राज्य उपभोक्ता आयोग से जुड़े हुए हैंl लेखन के चलते आपकी हिन्दी में प्रकाशित पुस्तकें १२-नया विकास,चैक पोस्ट, मीडिया को फांसी दो,प्रवास और तिनका-तिनका संघर्ष आदि हैंl कुछ किताबें प्रकाशन की प्रक्रिया में हैंl सेवाकार्य में ख़ास तौर से उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए २५ वर्ष से उपभोक्ता जागरूकता अभियान जारी है,जिसके तहत विभिन्न शिक्षण संस्थाओं व विधिक सेवा प्राधिकरण के शिविरों में निःशुल्क रूप से उपभोक्ता कानून की जानकारी देते हैंl आपने चरित्र निर्माण शिविरों का वर्षों तक संचालन किया है तो,पत्रकारिता के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों व अंधविश्वास के विरूद्ध लेखन के साथ-साथ साक्षरता,शिक्षा व समग्र विकास का चिंतन लेखन भी जारी हैl राज्य स्तर पर मास्टर खिलाड़ी के रुप में पैदल चाल में २००३ में स्वर्ण पदक विजेता,दौड़ में कांस्य पदक तथा नेशनल मास्टर एथलीट चैम्पियनशिप सहित नेशनल स्वीमिंग चैम्पियनशिप में भी भागीदारी रही है। श्री नारसन को सम्मान के रूप में राष्ट्रीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा डॉ.आम्बेडकर नेशनल फैलोशिप,प्रेरक व्यक्तित्व सम्मान के साथ भी विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ भागलपुर(बिहार) द्वारा `भारत गौरव` सम्मान,पंचवटी हिन्दी साहित्य सेवा सम्मान और मानस श्री सम्मान आदि भी दिया गया हैl 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।