परीक्षा

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काश !
मैं भी ले पाता…
परीक्षा की परीक्षा..
कसता उसे हर कसौटी पर
जाँचता..
उसकी सच्चाई
ज्ञान, योग्यता..
मैं भी दे पाता उसे अंक,
निकालता उसका प्रतिशत.
हानि लाभ.
गुण अवगुण..
उसको भी मिलता..
अनुक्रमांक..
वो भी लगती लाईन में..
बैठती .. कतारबद्ध.
उसे भी मिलता जीवन
का प्रश्नपत्र !
वो भी सकपकाती…
घबराती…
कंपकंपाती..
लिखती..
कुछ सही कुछ गलत..
करती इंतजार..
परिणाम का..
वही असमंजस..
वही चिन्ता की रेखायें..
होतीं..
उसके भी माथे…
तब लगता..
ये हुयी परीक्षा..
*पर ये सब*
*काश ! ही रहेगा*..
क्योंकि
हम नहीं हो पाते
खाली..
अपनी ही परीक्षाओं से..
बचपन, जवानी,
कमाई की परीक्षा..
अच्छे पुत्र, पति, पिता की परीक्षा.
अच्छे नागरिक,
सदस्य समाज देश
की परीक्षा.
दूसरों के सुख दुख का
ख्याल रखने की परीक्षा..
और इन्हीं को देते देते
भूल जाते हैं..
*अपना अस्तित्व*…
और फिर अन्त में लग जाते हैं…
एक और परीक्षा में..
अपने *अस्तित्व* को बचाने में..
रह जाती है बहुत दूर..
*परीक्षा की परीक्षा..*
                                      #गणतंत्र औजस्वी
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Arpan Jain

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Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।