‘पद्मावत’ फिल्म की सत्यता

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भव्य,भारी देश के भारतीयों को मेरा नमस्कार और भारतीयों की सरकार को मेरा परम् नमन हो,वो इसलिए क्योंकि,  उसके आगे अच्छे-अच्छों के सिर झुकते हैं,झुकाते हैं या झुकाने पड़ते हैं,इसलिए मेरा भी गर्व से भरा नमस्कार,नमन नहीं।
मैंने सुना हैं कि, देश के हिंद नागरिक ‘पद्मावती’ फिल्म को स्वीकार कर रहे हैं तो बताओं क्यूं नहीं करेंगे,करना चाहिए,
क्योंकि इस फिल्म को रुपए के लिए नहीं बनाया गया,ये फिल्म तो १०० फ़ीसदी  इतिहास पर खरी है। जनता नहीं जानती है रानी पद्मावती के बारें में,इसलिए ये फिल्म मुफ्त में जनता को बताना चाहते हैं और दीपिका पादुकोण तो राजपूतानी है। वह ऐसी नारी है कि,अभी तक किसी इंसान को आंख उठाकर देखा भी नहीं, यहाँ तक कि वह क्षत्राणी बनकर जीती आई है,और इस फिल्म के लिए उससे अच्छी संस्कारित,शोभायमान,सुन्दरता, चरित्र,किसी के पास है ही नहीं,इसलिए उसे संजय लीला भंसाली द्वारा चुना गया, क्योंकि केवल-केवल इसी फिल्म में वह क्षत्राणी बनी है,बाकी फिल्म में तो देखा ही होगा…एक रस्सी पर लटकते हुए..।  तो बताओ हिंद देश के नागरिकों,आप इस फिल्म को क्यों नहीं देखोगे।
 ये फिल्म देश में रानी पद्मावती का नाम ऊंचा करेगी,क्योंकि महाराणी पद्मावती को इतना कोई जानता नहीं हैं…। इस फिल्म के लिए जनता ने देश में ऐसा आंदोलन खड़ा कर दिया है कि,ये फिल्म तो चलनी ही चाहिए। अब सरकार क्यूं सुनवाई नहीं कर रही है।
सरकार जनता की है,या फिल्म वाले किरदारों की या रुपए का कर लेने वाली औपचारिकता…।
बताओ आखिर फिल्म क्यों नहीं चलेगी, जब जनता अपना मन बना चुकी है कि,  हम फिल्म देखेंगे अगर फिल्म नहीं चलाई तो हम फिल्म सिनेमाघर तोड़ देंगे, जला देंगे,सरकार का विरोध करेंगे। फिर भी देखो,फिल्म चला ही नहीं रहें,अपनी मनमर्जी कर रहे हैं।
देखिए,सम्मानित भंसाली जी और सभ्य सरकार जी,आप दोनों जनता पर ही चलते हो। आप सभी का फिल्म जगत जनता से ही चलता हैं और सरकार भी जनता से। मैंने कुछ दिन पहले ही सुना है की फिल्म का नाम पद्मावत कर दिया हैं। कि,नाम ‘पद्मावत’ करने के बाद भी  फिल्म पर पाबंदी है,आखिर ऐसा क्यों,  हम जनता को न्याय चाहिए।
मुझे लगता है कि,कांग्रेस सरकार और संजय लीला भंसाली में कोई गठजोड़ हुआ है फिल्म नहीं चलानें के लिए..इसीलिए विरोध किया जा रहा है, फिल्म नहीं चलाई जा रही हैं। मैं स्पष्ट कह रहा हूं अगर देश में कानून का राज है तो मोदी जी ये फिल्म आप चलाएं,नहीं चलाएंगे तो ये जनता आपको मत नहीं देगी। कहीं न कहीं ये फिल्म भाजपा को खत्म और कांग्रेस को सहयोग कर रही है।
आशा है कि,आप सभी हिन्दुस्तानी महान पद्मावती राणी को नहीं जानते,उनके चरित्र को नहीं जानते हैं,इसलिए आप ये संजय भंसाली,दीपिका पादुकोण की फिल्म को देखकर राणी पद्मावती को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करोगे।
बाकी झूठ कहूं तो मैं तो महाराणी पद्मावती माता की गाथा जानता हूं।

          #रणजीतसिंह  चारण ‘रणदेव'

परिचय: रणजीतसिंह  चारण  `रणदेव` की जन्म तारीख १५ जून १९९७ और जन्म स्थान-पच्चानपुरा(भीलवाड़ा,राजस्थान) हैl आप लेखन में उपनाम `रणदेव` वापरते हैंl वर्तमान में निवास जिला-राजसमंद के मुण्डकोशियां(तहसील आमेट) में हैl राजस्थान से नाता रखने वाले रणजीतसिंह बीएससी में अध्ययनरत हैंl कविता,ग़ज़ल,गीत,कहानी,दोहे तथा कुण्डलिया रचते हैंl विविध पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित हुई हैंl आप समाजसेवा के लिए गैर सरकारी संगठन से भी जुड़े हुए हैंl लेखन का उद्देश्य-आमजन तक अपना संदेश पहुंचाना और समाज हित है।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।