कलम ! तेरी सदा जय हो

Read Time1Second
ranjana
कलम मेरी चली तो शत्रु के 
दिल काँप जाएंगे,
छुपी मन की सभी बातें 
सभी जन भाँप जाएंगे।
हमारा  दर्द  है  ऐसा  
सुनाना भी जिसे मुश्किल,
छुपाना भी बहुत मुश्किल 
बताना भी बहुत मुश्किलl  
कभी  कोई  समझ पाए  
हमारा दर्द औ पीड़ा,
कभी मत खेल ये समझो 
नहीं ही ये कोई क्रीड़ाl 
कलम कब आग उगलेगी 
कलम कब प्यार बरसाए,
यही वो भेद है जिसको  
समझ कोई नहीं पाए।
 
इसी से कह रही दिल से 
कलम तेरी सदा जय हो, 
रहे यशगान दुनिया में 
सदा सम्मान अक्षय हो।
सदा सम्मान अक्षय हो, 
सदा  सम्मान अक्षय होll 

                                                     #डॉ. रंजना वर्मा

परिचय : डॉ. रंजना वर्मा का जन्म १५  जनवरी १९५२ का है और आप फैज़ाबाद(उ.प्र.) के मुगलपुरा(हैदरगंज वार्ड) की मूल निवासी हैंl आप वर्तमान में  पूना के हिन्जेवाड़ी स्थित मरुंजी विलेज( महाराष्ट्र)में आसीन हैंl आप लेखन में नवगीत अधिक रचती हैंl 

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

`नई शिक्षा नीति` पर समिति अध्यक्ष डॉ. कस्तूरीरंगन ने की विद्यासागरजी महाराज से चर्चा

Tue Dec 26 , 2017
इन्दौर के भाषाप्रेमी श्री पाटोदी ने दिया ज्ञापन  मुम्बईl देश की नई शिक्षा नीति पर जाने-माने वैज्ञानिक व `इसरो` के पूर्व अध्यक्ष डॉ.कृष्णास्वामी कस्तूरीरंगन ने आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज का मार्गदर्शन लिया हैl भारत सरकार द्वारा अगले तीस साल के लिए नई शिक्षा नीति निर्धारण का कार्य देश के जाने-माने वैज्ञानिक व […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।