सच्चा मित्र 

Read Time0Seconds
binod-kumar-300x198
मित्र वही जो देख कभी भी,
         आँखें नहीं चुराता है।
मित्र वही जो कथनी-करनी,
         एक रंग दिखलाता है॥
मित्र वही जो पड़े मुसीबत,
        आगे हाथ बढ़ाता है।
मित्र वही जो स्नेह का बंधन,
        सबसे अधिक निभाता है॥
मित्र वही जो सदमार्गों पर,
         चलना सदा सिखाता है।
मित्र वही जो एक झलक पा,
         हर्षित हो मुस्काता है॥
मित्र वही जो चंचल चित् को,
        सही राह पर लाता है।
मित्र वही जो कभी किसी भी,
         समय नहीं इतराता है॥
मित्र वही जो सच कहने में,
         जरा नहीं सकुचाता है।
मित्र वही जो मानवता के,
        कर्म में बढ़ता जाता है॥
मित्र वही जो बैर भाव के,
        अंकुर नहीं उगाता है।
मित्र वही जो मित्र के दुःख में,
        पीठ नहीं दिखलाता है॥
                                                                          #बिनोद कुमार ‘हंसौड़ा’

परिचय : बिनोद कुमार ‘हंसौड़ा’ का जन्म १९६९ का है। आप दरभंगा (बिहार)में प्रधान शिक्षक हैं। शैक्षिक योग्यता दोहरा एमए(इतिहास एवं शिक्षा)सहित बीटी,बीएड और प्रभाकर (संगीत)है। आपके नाम-बंटवारा (नाटक),तिरंगा झुकने नहीं देंगे, व्यवहार चालीसा और मेरी सांसें तेरा जीवन आदि पुस्तकें हैं। आपको राष्ट्रभाषा गौरव(मानद उपाधि, इलाहाबाद)सहित महाकवि विद्यापति साहित्य शिखर सम्मान (मानद उपाधि) और बेहतरीन शिक्षक हेतु स्वर्ण पदक सम्मान भी मिला है। साथ ही अनेक मंचो से भी सम्मानित हो चुके हैं

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

मौसम

Tue Dec 12 , 2017
सूरज ने मौसम से आशनाई कर ली, मौसम ने भी बादलों से यारी कर ली। पवन ने बिजलियों संग अंगड़ाई ली, उमड़-घुमड़ बदरी बरसी गर्जन तर्जन होने लगी। झांक झरोखों से बादल के बिजली नर्तन करने लगी, मावठ की बरसी बदरी खेतों में फसलें हरषी॥   #डॉ. नीलम परिचय: राजस्थान राज्य […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।