सरस्वती वंदना

0 0
Read Time2 Minute, 17 Second
rahul vyas
वीणावानी सुर मधुर विकास दे,
श्वेतवस्त्री ज्ञान को निखार दे।
वाणी मुझे ऐसी दे जो ओरों को प्रखर सके,
विद्या दे तो ऐसी दे जो ओरों को समझ सके।
खुद से पहले दूसरे का;ऐसा भी तू ज्ञान दे,
होगा सर्वसम्मति से ऐसा वरदान दे॥
शारदे माँ! सत्यता रहेगी पूरी सृष्टि में,
हंसवाहिनी; रहेंगे पूरी दृष्टि में।
रोद्र रूप में छिड़ी वीणा की झंकार है,
देशद्रोहियों का ये पाप का प्रकार है।
चंद टुकड़ों पर बिकने का अब नाश हो,
भारतवर्ष ऐसा हो,जहाँ सरस प्रकार हो॥
वाग्देवी,ज्ञानमुद्रि! एकता का सार दे,
नफरतें मिटा सकें,ऐसा सबको प्यार दे।
ईरा;तेरी वंदना करुं मैं पूरी भक्ति से,
अखंडता समाई रहे पूरी राष्ट्रशक्ति में॥
वीणावानी सुर मधुर विकास दे,
श्वेतवस्त्री ज्ञान को निखार दे॥
               #राहुल व्यास
परिचय : राहुल व्यास की जन्मतिथि-१७ दिसम्बर १९९३ और जन्म स्थान-धार (मध्यप्रदेश) है। फिलहाल दिल्ली राज्य में आपका निवास है और कर्मभूमि भी यही है। बी.एस-सी. तक शिक्षित श्री व्यास का कार्यक्षेत्र-दूरदर्शन(दिल्ली) है, जबकि सामाजिक क्षेत्र में अ-सरकारी संगठन से जुड़कर समाजसेवा करते हैं।  लेखन में आपकी विधा-ओज है। आप ब्लॉग पर भी लिखते रहते हैं। आपकी लेखनी के नाम दो साझा संग्रह का प्रकाशन है। सम्मान में ‘नगर गौरव’ एवं कई साहित्यिक संस्थाओं से प्रशंसा पाई है। राहुल व्यास की उपलब्धि यह है कि,  ३० विद्यर्थियों को बाल वैज्ञानिक बनाने में सहयोग किया है। आपके लेखन का उद्देश्य-देश हेतु लिखना और हिंदी भाषा का अधिक से अधिक प्रचार करना है। 

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

उम्मीदों की गठरी 

Fri Nov 24 , 2017
जीवन के अनजाने पथ पर,उम्मीदों की गठरी लादे। हर कोई बस ढूँढ रहा है,अपने सपनों की मंजिल को॥ जीवन के अथाह सागर से तर जाने की चाह लिए सब। तूफानों से टकराते हैं घर जाने की चाह लिए सब॥ लेकिन कहाँ सभी पाते हैं,बाधाएँ तर कर साहिल को…, हर कोई […]

नया नया

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।