हम ने प्यार किया है उन से, अब उन को न छोड़ेगे, हमे ऐसे परेशान न कर जमाने वाले, हम खुद बता देगे बस हमे चैन से जीने दे। हम ने हाथ उन का पकड़ा है, जिंदगी भर साथ निभाने को, हम खुद बता देगे जमाने को, बस हमे अपने […]

भारतीय इतिहास के सबसे नृशंस हत्याकांडों में से शुमार 13 अप्रैल 1919 का दिन तारीख का रक्तरंजित पन्ना है, देश की आजादी के लिए चल रहे आंदोलनों को रोकने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था. लेकिन इस हत्याकांड से क्रांतिकारियों के हौसले कम होने की जगह ओर […]

मिनल…एक 14 साल की मासूम लडकी, जिसमें बच्चों वाली चंचलता अभी शेष है और वो अपने उम्र के दोस्त और अपनी कक्षा के सहपाठीयों के संग खेलना चाहती है, घूमना चाहती है। मगर उसकी सभी इच्छाओं पर तब वज्र गिर जाता है जब उसे यह कहकर बाहर जाने से रोक […]

 परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है”, परन्तु परिवर्तन का क्रम क्या होना चाहिए यह भी निर्भर होना चाहिए , आज-कल के अंकुरित पौधे जिनकी वृद्धि नियमानुसार ना होकर अन्य साधनों से बड़ाई जा रही है अर्थात वर्तमान के बच्चे जो उनकी उम्र से कहीं अधिक सोचने लगते है | सोच […]

दोस्त हमारे जीवन का सब से अमूल्य उपहार है, जो हमे बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है, हमे किसी भी कठिनाई से बाहर निकाल सकता है, हमे जीने की वजह देता है, जिसके बिना बचपन और जवानी कांटो के समान लगती है, जिसके होने पर यह जीवन गुलाब के […]

  आखिर तुम ऐसी क्यूं  हो…….. तुम को देख के ये दिल  बार-बार जोर से धड़कने लगता है,  तुम्हारे बारे में सोच कर मन बेचैन हो जाता है, तुम्हारे बारे में सोच कर ये तन्हा दिल खुशी से उछल पड़ता है, तुम्हारी हँसी देख के ये उदासी भी छोड़ के […]

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।