दस्तक

0 0
Read Time1 Minute, 16 Second

namita dube

(बाल दिवस विशॆष)

नटखट बच्चे,चंचल बच्चे,

लगते हैं सबको अच्छे बच्चे।

न हो शोषण,न हो अन्याय इन पर,

क्योंकि,ये ही हैं भारत का खिलता कमल।

चाचा-मामा के चहेतों के संग चल,

आओ बनाएं उज्जवल भारत का कल।

अगर दिखें ये मजदूरी करते,भीख माँगते,

चाय बनाते,कचरा बीनते,इनको रोकें।

हम दस्तक अभियान चलाएं,

इनको जोड़ें,शिक्षा के संग लाएं।

प्रतिज्ञा करें,न होने देंगे बाल शोषण,

इस कच्ची मिट्टी का करें सच्चा पोषण।

‘बाल दिवस’ पर इन्हें सिखाएं,

जीवन है अनमोल,इसे यूँ ही न गंवाएं।

खूब पढ़ो,खूब बढ़ो क्योंकि,

तुम ही तो हो कल की शक्ति॥

                                                #नमिता दुबे

परिचय : नमिता दुबे  इंदौर की निवासी हैंl आप शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं और रचनाएं-लेख लिखने का काफी पुराना शौक रखती हैंl अभी करीब एक वर्ष से अधिक सक्रिय हैं,क्योंकि पात्र-पत्रिकाओं में इनका सतत प्रकाशन हो रहा है I 

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

समदर्शी विधाता से दो टूक

Mon Nov 13 , 2017
खाए-पिए लोगों को सूझती है धींगामस्ती,सैर-सपाटा, नाच-गाना,हंसना-खिलखिलाना और अपनी मस्ती में मस्त हो जाना। दिहाड़ी मजदूरी कर पेट पालने वाला शख्स, थक-हारकर जब शाम को घर लौटता है तो ६×८ की सीलनभरी जर्जर झोपड़ी में, लिपटी फटेहाल जिन्दगी ही किसी स्वर्ग से कम नजर नहीं आती है। नसीब सबका अपना-अपना […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।