शीला बहुत उदास मन से बोली-दीदी मेरी एक ही बेटी है,मैंने इसके पालन-पोषण में कोई कमी नहीं रखी। हम दोनों तो नीरे अनपढ़ हैं,किन्तु हमारे जीने का मकसद ही शिबू को खूब पढ़ाना है,उसे बचपन से ही अच्छे अंग्रेजी विद्यालय में भरती करवा दिया था,क्योंकि हम जानते थे कि बाद में […]

एक पर्वत खड़ा चुपचाप, आप ही जलता मन में लेकर संताप मैंने पूछा-क्यों हो तुम चिंतित निशब्द ? लगता है जैसे बैठे हो कोसने अपना प्रारब्ध। वह बोला उदास मन से-लगता है जैसे मानव को अब नहीं है मेरी जरुरतI वह जा पहुंचा है मंगल पर, क्यों देखे अब मेरे […]

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आज फिर खाली हाथ ही लौटा हूं.. गले लगा पत्नी को मैंने धीरे से उसके कान में बोला … मुस्कुराकर वो पलटी और मन्दिर में दीप जलाने लगी … चाय लेकर के आई पास वो और बच्चों संग लाड़ लड़ाने लगी.. बडी़ उम्मीद से भरी थीं उसकी आँखें.. धैर्य धर […]

       जीवन में सफल होना तो सब चाहते हैं,और उसके लिए कई उपाधियां भी लेते हैं,किन्तु केवल उच्च शिक्षा एवं अनगिनत उपाधियां जीवन की सफलता को निर्धारित नहीं कर सकती हैI जीवन में बड़े उद्देश्य पाने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाना बहुत आवश्यक हैI लक्ष्य के बिना व्यक्ति इधर- उधर भटकता […]

(बाल दिवस विशॆष) नटखट बच्चे,चंचल बच्चे, लगते हैं सबको अच्छे बच्चे। न हो शोषण,न हो अन्याय इन पर, क्योंकि,ये ही हैं भारत का खिलता कमल। चाचा-मामा के चहेतों के संग चल, आओ बनाएं उज्जवल भारत का कल। अगर दिखें ये मजदूरी करते,भीख माँगते, चाय बनाते,कचरा बीनते,इनको रोकें। हम दस्तक अभियान […]

अनिता बचपन से ही मनमौजी, महत्वाकांक्षी और बिंदास थी। पिता ने उसे बहुत लाड़ से पाला,और समय आने पर योग्य चिकित्सक से उसकी शादी तय कर दी। डॉ.अमित को जीवन के थपेड़ों ने बचपन में ही बड़ा बना दिया था। पिता की मृत्यु के बाद माँ को सम्हालते हुए पढ़ाई […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।