बदल चुकी हूँ मैं

Read Time0Seconds
prerana-300x210
उम्र के जिस पड़ाव का अहसास होता था,
उस उम्र को पार कर चुकी हूँ मैं…
लगता है थोड़ा बदल चुकी हूँ मैं।
जिन रिश्तों से आघात पहुँचा था,
उनको अनदेखा करने लगी हूँ मैं…
लगता है थोड़ा बदल चुकी हूँ मैं।
जिन सखियों का पता खो चुकी थी,
उन सखियों को ढूँढने लगी हूँ मैं…
लगता है थोड़ा बदल चुकी हूँ मैं।
जो बचपन जिम्मेदारियों में खो चुका था,
उन्हें बच्चों में ढूँढने लगी हूँ मैं…
लगता है थोड़ा बदल चुकी हूँ मैं।
जिन ख्वाहिशों को दफ़न कर दिया था,
उन्हें पूरा करने में जुट गई हूँ मैं…
लगता है थोड़ा बदल चुकी हूँ मैं।
जिन ऊँचाईयों को छूने का सपना देखा था,
बच्चों को वहाँ पहुँचाने में जुट गई हूँ मैं…
लगता है थोड़ा बदल गई हूँ मैं॥

                                                #प्रेरणा सेंद्रे 

परिचय: प्रेरणा सेंद्रे  इन्दौर में रहती हैं। आपकी शिक्षा एमएससी और बीएड(उ.प्र.) है। साथ ही योग का कोर्स(म.प्र.) भी किया है। आप शौकियाना लेखन करती हैं। लेखन के लिए भोपाल में सम्मानित हो चुकी हैं। वर्तमान में योग शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं।

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

रुमाल

Mon Nov 13 , 2017
एक रुमाल ने किसी का मन मोह लिया, आपस मे दो युवा टकराए। दोनों को ये क्या हो गया, एक लड़की का रुमाल राह चलते अचानक गिर गया। हमदर्दी के नाते एक युवा ने रुमाल उठाया, इत्तफाक से लड़की भी रुमाल उठाने झुकी। दोनों आपस में टकराए, नजरें मिली,शर्माए। बातें […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।