हमारा मध्यप्रदेश

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gopal
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस विशेष
 देश का ह्रदय स्थल, मध्यप्रदेश।
 हर धर्म-जाति का यहां समावेश॥
शत्रु भी डरते हैं,करने से प्रवेश।
ऊँकार जी,महाकाल हैं नरेश॥
प्राकृतिक सौंदर्य,सुंदर परिवेश।
दर्शनीय स्थलों का गढ़ मध्यप्रदेश॥
पंचमढ़ी,खजुराहो,बावनगजा विशेष।
उज्जैन,इंदौर प्रसिद्ध है देश-विदेश॥
मांडू,बाग गुफा का सुंदरतम परिवेश।
भेड़ाघाट,गोम्मटगिरि चर्चित देश-विदेश॥
तानसेन की स्वर लहरी,लता का गान।
चंद्रशेखर आजाद,टंट्या मामा महान॥
कवि कालिदास, सुभद्रा कुमारी चौहान।
शिवमंगलसिंह बने माँ भारती की पहचान॥
मीठी बोली मालवी,निमाड़ी,बुंदेली।
मिल-जुल रहती हर भाषा जैसे सहेली॥
हुसैन की कला,माखन दादा संग परसाई।
दुष्यंत का दर्द यहाँ,कुमार गंधर्व की गहराई॥
ज्ञानी राजा भोज की नगरी धार,भोपाल।
अहिल्याबाई का गुणगान हर चौपाल॥
धूनी वाले दादा का दरबार,निमाड़ पहचान।
मालवा-निमाड़ उत्सव,पन्ना के हीरे
हैं शान॥
औद्योगिक नगरी पीथमपुर है विश्व विख्यात।
जहाँ विकास का पहिया घूमता दिन-रात॥
यहाँ धरती सोना उपजे सोयाबीन,कपास।
इंदिरा सागर,जलूद फैला रहा है उजास॥
खुशहाली-हरियाली से भरपूर परिवेश।
सुख-दु:ख का साथी है हमारा मध्यप्रदेश॥

                                                     #गोपाल कौशल

परिचय : गोपाल कौशल नागदा जिला धार (मध्यप्रदेश) में रहते हैं और रोज एक नई कविता लिखने की आदत बना रखी है।

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।