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घर के संस्कार
Fri Oct 6 , 2017
‘शिवरतन बेटा तुम्हारा साक्षात्कार बुलावा आया है’, मां ने लिफाफा हाथ में देते हुए कहा। यह मेरा सातवां साक्षात्कार था। मैं जल्दी से तैयार होकर दिए गए नियत समय 9 बजे पहुंच गया। एक घर में ही बनाए गए कार्यालय का दरवाजा खुला ही पड़ा था,मैंने बन्द किया और भीतर […]

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